Odisha: खराब प्रदर्शन के लिए उच्च शिक्षामंत्री पर गिरी गाज, सीएम पटनायक ने रोहित पुजारी को हटाया
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के सूत्रों ने बताया कि ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शुक्रवार को उच्च शिक्षा मंत्री रोहित पुजारी को मंत्रिपरिषद से हटा दिया।
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मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के सूत्रों ने बताया कि ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शुक्रवार को उच्च शिक्षा मंत्री रोहित पुजारी को मंत्रिपरिषद से हटा दिया। सूत्रों ने कहा कि पटनायक ने पुजारी का नाम मंत्रालय से बाहर करने के लिए राज्यपाल गणेशी लाल की सिफारिश की। साथ ही उच्च शिक्षा विभाग का प्रभार, खाद्य और आपूर्ति मंत्री अतनु एस नायक को सौंपा है।
हालांकि, मुख्यमंत्री ने अपने पिछले 23 वर्षों के कार्यकाल में कई मंत्रियों को हटा दिया था, पुजारी अपने पांचवें कार्यकाल के दौरान मंत्रालय से बाहर किए जाने वाले पहले व्यक्ति थे। दो बार विधायक रहे पुजारी टिप्पणी के लिए तत्काल उपलब्ध नहीं हो सके।
रायराखोल से विधायक, पुजारी को पिछले साल जून में मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया था। सूत्रों ने बताया कि 22 मई से 2 जून के बीच विभिन्न विभागों की समीक्षा के दौरान पटनायक ने पाया कि उच्च शिक्षा विभाग का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। मई में एक मामूली फेरबदल के दौरान, मुख्यमंत्री ने स्कूल और जन शिक्षा मंत्री समीर रंजन दाश और श्रम मंत्री श्रीकांत साहू को इस्तीफा देने के लिए कहा था। दास और साहू के स्थान पर दो नए मंत्रियों, सुदाम मरांडी और शारदा प्रसाद नायक को शामिल किया गया।
वहीं, बीके अरुखा, जिन्होंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, को भी कैबिनेट में शामिल किया गया और उन्हें वित्त विभाग दिया गया। पुजारी को हटाए जाने के बाद मंत्रालय में अब मुख्यमंत्री समेत 21 सदस्य रह गए हैं। पुजारी, राज्य के पश्चिमी क्षेत्र के एक प्रमुख नेता हैं और हाल ही में चर्चा में थे जब उन्होंने कहा कि 60 वर्ष से ऊपर के राजनेताओं को राजनीति से दूर रहना चाहिए।
पहली बार किसी मंत्री को खराब प्रदर्शन पर हटाया
हालांकि, बताया जा रहा है कि नवीन पटनायक के 23 साल के मुख्यमंत्री कार्यकाल में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी मंत्री को खराब प्रदर्शन के आधार पर हटाया गया हो। विभागीय कामकाज की समीक्षा में सबसे नीचे रहने के अलावा हाल ही में जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क 2023 की टॉप 100 की सूची में ओडिशा के संस्थानों के पिछड़ने से भी सीएम पटनायक नाराज थे। राज्य की सभी पुरानी उत्कल यूनिवर्सिटी की रैंकिंग में भी बड़ी गिरावट आई है। वहीं, टॉप 100 में ओडिशा से चार संस्थान हैं, लेकिन इनमें राज्य संचालित संस्थान पिछड़ गए।
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