जम्मू-कश्मीर: ना होम वर्क, ना बस्ता और किताबें.... जानिए प्री-प्राइमरी के लिए क्या है नया नियम
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जम्मू-कश्मीर में प्री-प्राइमरी स्टूडेंट्स के लिए नया नियम जारी हुआ है। यहां कक्षा दो तक के विद्यार्थी स्कूल में ना ही बैग ले जाएंगे और ना ही उनको होम वर्क दिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने यह आदेश जारी किया है। स्कूल शिक्षा के प्रमुख सचिव असगर हसन ने इसे लेकर एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें कहा गया है कि स्कूल के प्रिंसिपल की यह जिम्मेदारी होगी कि कक्षा तक के विद्यार्थियों को कोई भी होम वर्क नहीं दिया जाएगा। यह नया नियम जम्मू और कश्मीर स्कूल शिक्षा अधिनियम 2002 के संशोधित नियम 8 के तहत जारी किया गया है।
स्कूलों को जारी आदेश में कहा गया है कि प्री-प्राइमरी स्तर (नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी) के छात्रों के लिए औपचारिक किताबें निर्धारित नहीं होंगी। कक्षा दो तक के स्तर के विद्यार्थी सिर्फ दो किताबें जो कि नोटबुक/वर्कबुक होंगी उनसे ही पढ़ेंगे। ये किताबें भी बच्चों को नहीं दी जाएंगी बल्कि शिक्षकों के पास रहेंगी।
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यानी कि कक्षा दो तक के विद्यार्थियों के लिए कोई अनिवार्य किताबें नहीं होंगी। अक्सर देखा गया है कि कक्षा दो तक के विद्यार्थियों को किताबों और बस्ते के बोझ से लाद दिया जाता है। ऐसे में जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा की तरफ से जारी यह नियम बच्चों के बस्ते और किताबों के बोझ को कम करने के लिए बेहद अहम है। इस नोटिफिकेशन में साफ कहा गया है कि कक्षा दो तक के विद्यार्थियों को बैग लाने के लिए नहीं कहा जाएगा। वो सिर्फ अपने लंच बॉक्स के लिए ही बैग लाएंगे। पढ़ाई के लिए बैग और किताबें नहीं लाएंगे। इसमें कहा गया है कि कोई भी स्कूल कक्षा दो तक के विद्यार्थियों के लिए कोई विषय और सिलेबस निर्धारित नहीं करेंगे।
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