फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   NEET-UG Fraud: AIIMS Jodhpur MBBS student held for using dummy candidate; Read here

NEET UG Fraud: डमी कैंडिडेट से लिखवाई परीक्षा, 60 लाख में हुआ था सौदा; एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा छात्र गिरफ्तार

Sat, 07 Jun 2025 01:04 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Sat, 07 Jun 2025 01:04 PM IST
सार

NEET UG Fraud: एम्स जोधपुर में एमबीबीएस कोर्स पूरा होने से कुछ महीने पहले ही एक व्यक्ति को 2020 में नीट-यूजी में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उसने कथित तौर पर अपने स्थान पर किसी और व्यक्ति से परीक्षा दिलवाई थी। 
 

विज्ञापन
NEET-UG Fraud: AIIMS Jodhpur MBBS student held for using dummy candidate; Read here
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

NEET UG Fraud: एम्स जोधपुर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे एक छात्र का नाम एक बड़ी धोखाधड़ी में सामने आया है। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2020 में उसने कथित तौर पर अपने स्थान पर किसी और व्यक्ति से परीक्षा दिलवाई थी। राजस्थान पुलिस ने शुक्रवार को इस मामले में उसे और एक डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य डॉक्टर को हिरासत में लिया गया है।

विज्ञापन

परीक्षा में हासिल किए थे 667 अंक

जयपुर के पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) अमित कुमार ने बताया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA), नई दिल्ली से एक रिपोर्ट प्राप्त हुई थी, जिसमें कहा गया कि नीट यूजी 2020 में 667 अंक हासिल करने वाला सचिन गोरा असल में परीक्षा में शामिल ही नहीं हुआ था। उसकी जगह किसी डमी कैंडिडेट ने परीक्षा दी थी।

जांच में सामने आया कि सचिन के एडमिट कार्ड पर डॉ. अजीत गोरा की फोटो लगी हुई थी। सचिन इस समय एम्स जोधपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के अंतिम वर्ष का छात्र है।

विज्ञापन
विज्ञापन

नागौर के घाटवा में स्वास्थ्य अधिकारी है सुभाष सैनी

वर्तमान में नागौर के घाटवा में स्वास्थ्य अधिकारी के रूप में कार्यरत डॉ. सुभाष सैनी ने इस फर्जीवाड़े में कथित रूप से अजीत को शामिल किया और इसके बदले पैसे लिए। डॉ. अजीत गोरा, जिनकी एमबीबीएस की पढ़ाई भरतपुर मेडिकल कॉलेज से पूरी हो चुकी है, वर्तमान में एक साल की अनिवार्य इंटर्नशिप कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed