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Hindi News ›   Education ›   NCPCR asks to Probe Jharkhand Garhwa District Admin for Islamic Practices Imposed on School Children

NCPCR in Action: झारखंड के स्कूल में प्रार्थना बदलने के मामले में एनसीपीसीआर ने मांगी रिपोर्ट, जिला प्रशासन को नोटिस

Wed, 06 Jul 2022 10:32 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Wed, 06 Jul 2022 10:32 PM IST
सार

आयोग ने गढ़वा जिला प्रशासन को इसकी तुरंत जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। एनसीपीसीआर का यह नोटिस उन आरोपों के बाद आया है जिनमें दावा किया गया था कि कुछ इस्लामी कट्टरपंथियों ने एक सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक को स्कूल प्रार्थना बदलने के लिए मजबूर किया।

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NCPCR asks to Probe Jharkhand Garhwa District Admin for Islamic Practices Imposed on School Children
एनसीपीसीआर

विस्तार

झारखंड के गढ़वा जिले के एक स्कूल के छात्रों पर शरिया और इस्लामी प्रथाओं को थोपने के मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने जिला प्रशासन को नोटिस जारी कर रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने गढ़वा जिला प्रशासन को इसकी तुरंत जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

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एनसीपीसीआर का यह नोटिस उन आरोपों के बाद आया है जिनमें दावा किया गया था कि कुछ इस्लामी कट्टरपंथियों ने एक सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक को स्कूल प्रार्थना बदलने के लिए मजबूर किया। कानूनी अधिकार संस्था लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी की ओर से इस संबंध में शिकायत दायर की गई थी। 

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एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने बुधवार को बताया कि हमें मंगलवार को एक शिकायत मिली कि इस्लामी कट्टरपंथी नाबालिगों पर शरिया और इस्लामी प्रथाओं को लागू करने की कोशिश कर रहे हैं और स्कूल की पुरानी प्रार्थना को बदल दिया है। हमने जिला प्रशासन को नोटिस जारी किया है और उनसे जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि गढ़वा के उपायुक्त रमेश घोलप को जांच शुरू करने और बच्चों की देखभाल और सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है, उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है। 
 

नोटिस के मुताबिक लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी ने एनसीपीसीआर से शिकायत की है कि गढ़वा जिले में कुछ इस्लामिक कट्टरपंथी स्कूली बच्चों पर शरीयत और इस्लामी प्रथाएं थोपने की कोशिश कर रहे हैं। शिकायत के माध्यम से, आयोग को यह भी बताया गया है कि कट्टरपंथियों ने स्कूल की सदियों पुरानी प्रार्थना को जबरन बदलवा दिया है और बच्चों को प्रार्थना के दौरान हाथ नहीं जोड़ने के लिए मजबूर कर रहे हैं, जिससे स्कूली बच्चों में दुश्मनी की स्थिति पैदा हो रही है।  
 

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मामले को लेकर राजनीति भी शुरू

झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा कि मैं पहले ही घटना की जांच के आदेश दे चुका हूं। चाहे हिंदू हो या मुस्लिम, किसी को भी संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं है। वहीं, घटना का विरोध करते हुए, भाजपा ने दावा किया कि यह झामुमो के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार की कथित तुष्टीकरण नीति का परिणाम है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

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