फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Mystery of Lightning: How It Reaches the Ground Without Wires, A Scientific Breakdown

Lightning: कब गिरती है आकाशीय बिजली, बिना तार के यह जमीन तक कैसे पहुंच जाती है...? समझें इसके पीछे का विज्ञान

Sat, 12 Apr 2025 04:32 PM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शाहीन परवीन Updated Sat, 12 Apr 2025 04:32 PM IST
सार

Lightning: हालिया बारिश ने यूपी, बिहार और झारखंड में तबाही मचाई, जिसमें ओले और बिजली गिरने से कई लोगों की जान चली गई। लेकिन सवाल यह है कि आखिर आसमान में बिजली कैसे बनती है और बिना किसी तार के यह जमीन तक कैसे पहुंच जाती है?

विज्ञापन
Mystery of Lightning: How It Reaches the Ground Without Wires, A Scientific Breakdown
Lightning - फोटो : freepik

विस्तार

Lightning: उत्तर प्रदेश और बिहार में हाल के दिनों में आकाशीय बिजली गिरने से कई लोगों की मौत हो चुकी है। खेतों में काम कर रहे किसान, खुले मैदानों में खड़े लोग और कुछ मवेशी भी इसकी चपेट में आ गए। हर साल मानसून के समय बिजली गिरने की घटनाएं इन राज्यों में सैकड़ों जानें ले जाती हैं। आइए जानते कि आखिर ये बिजली बनती कैसे है और बिना किसी तार के इतनी ताकतवर होकर जमीन तक कैसे पहुंचती है?

विज्ञापन

आकाशीय बिजली कैसे बनती है?

जब बादलों के अंदर बर्फ और पानी की बूंदें आपस में टकराती हैं, तो इससे घर्षण होता है और चार्ज (विद्युत आवेश) बनता है। धीरे-धीरे बादल के ऊपर वाला हिस्सा पॉजिटिव और नीचे वाला हिस्सा नेगेटिव चार्ज से भर जाता है। जब नेगेटिव चार्ज बहुत ज्यादा हो जाता है, तो वह जमीन की तरफ पॉजिटिव चार्ज खींचता है। इसी के कारण बिजली बनने की प्रक्रिया शुरू होती है।

विज्ञापन

बिजली बिना तार जमीन तक कैसे पहुंचती है?

जब बादल और जमीन के बीच बहुत ज्यादा वोल्टेज बनता है, तो हवा का इंसुलेटर (रोधक) गुण टूट जाता है और वह बिजली को पास करने लगती है। इसी दौरान एक चमकदार रास्ता बनता है, जिसे प्लाजमा पथ कहते हैं। इसी रास्ते से बिजली तेजी से जमीन तक पहुंचती है और उसे किसी तार की जरूरत नहीं होती।

विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे करें बचाव

जब आकाशीय बिजली गिरती है, तो यह जानलेवा साबित हो सकती है। इसका सबसे बड़ा खतरा उन लोगों पर होता है जो गलत समय पर गलत जगह पर मौजूद होते हैं। आमतौर पर पेड़ों के नीचे खड़े लोग, खेतों में काम कर रहे किसान और तालाब या नदी में नहाते लोग इसकी चपेट में जल्दी आ जाते हैं।


बिजली हमेशा ऊंचाई या खुले स्थानों की ओर आकर्षित होती है और पानी व धातु इसके लिए अच्छा कंडक्टर होते हैं। इसलिए बारिश और बादलों की गड़गड़ाहट के दौरान पेड़ के नीचे छिपना या खेत में काम करना जानलेवा हो सकता है। इसी तरह पानी में नहाना भी बहुत जोखिम भरा होता है।


ऐसे हालात में सुरक्षित जगह पर रहना ही सबसे अच्छा उपाय है। मौसम खराब होते ही घर या किसी पक्के शेल्टर में चले जाएं, और जब तक मौसम साफ न हो, तब तक बाहर निकलने से बचें। थोड़ी सी सावधानी बड़ी दुर्घटनाओं से बचा सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed