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हल्द्वानी, बरेली और मुरादाबाद क्यों बन रहा है एजुकेशन हब

Tue, 28 Jan 2020 01:07 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Tue, 28 Jan 2020 01:07 PM IST
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Major govt colleges Universities in Haldwani Bareilly and Moradabad
बरेली कॉलेज (फाइल फोटो) - फोटो : Wiki

उत्तराखंड का शहर हल्द्वानी और उत्तर प्रदेश में बरेली व मुरादाबाद, देश के प्रमुख शिक्षा केंद्रों में गिना जाता है। शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नई ऊंचाइयों तक पहुंच रहे ये तीनों शहर एजुकेशन हब बनकर उभरे हैं जहां देशभर से बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं। इन तीनों शहरों में शुरुआती से लेकर उच्च शिक्षा की चाह रखने वालों के लिए तमाम विकल्प मौजूद हैं। यहां लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों की पढ़ाई की सुविधा है।

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हल्द्वानी

हल्द्वानी में कुल 198 सरकारी वित्तपोषित शिक्षण संस्थान हैं, जिनमें से 73 प्राइमरी, 25 मिडिल, 25 माध्यमिक और 25 सीनियर सेकेंडरी विद्यालय हैं। इसके अलावा यहां उच्च शिक्षा के भी तमाम संस्थान हैं। हल्द्वानी में कुमाऊं विश्वविद्यालय से संबद्ध दो डिग्री कॉलेज हैं। इसके साथ ही मेडिकल के क्षेत्र में पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए भी यहां बेहतर सुविधाएं हैं।

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1997 में उत्तराखंड वन अस्पताल ट्रस्ट मेडिकल कॉलेज के नाम से यहां सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई थी। यह भारत सरकार और भारतीय चिकित्सा परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त एक आवासीय और सह-शैक्षणिक कॉलेज है। इसके अलावा हल्द्वानी में हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड मेडिकल एजुकेशन यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेज भी है। इसके साथ ही हल्द्वानी में राज्य का एकमात्र मुक्त विश्वविद्यालय है, जिसका नाम है उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय। इसकी स्थापना 31 अक्तूबर 2005 को उत्तराखंड विधानसभा के एक अधिनियम द्वारा की गई थी। यहां पत्रकारिता, होटल मैनेजमेंट, टूरिज्म, बिजनेस मैनेजमेंट, ज्योतिष और कर्मकांड समेत 140 से भी ज्यादा विषयों की पढ़ाई होती है।

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बरेली

वहीं, उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की बात करें तो तमाम अन्य विषयों के अलावा यहां इस्लामिक स्टडीज की विशेष सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां शिक्षा व्यवस्था इसलिए भी बेहतर है क्योंकि जिले में ही बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला निरीक्षक और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के कार्यालय हैं। इसके अलावा बरेली में तमाम वोकेशनल और प्रोफेशनल विषयों के कॉलेज भी हैं।


रुहेलखंड विश्वविद्यालय, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान और सेंट्रल एवियन रिसर्च संस्थान जैसे शोध संस्थान बरेली को देश के बड़े एजुकेशन हब का रूप देते हैं। यहां एलबीएसआईएम जैसे मैनेजमेंट संस्थान के अलावा लॉ, मेडिकल और अन्य कॉलेज भी हैं। 1837 में बना बरेली कॉलेज पूरे शहर का सबसे मशहूर संस्थान है। यह महाविद्यालय देश के सबसे पुराने शिक्षण संस्थानों में से एक है। शहर में विश्वविद्यालयों के अलावा तीन मेडिकल, 11 इंजीनियरिंग और 9 मैनेजमेंट कॉलेज भी हैं। इसके साथ ही सीबीएसई/आईसीएससी से मान्यता प्राप्त 11 और 13 सरकारी इंटर कॉलेज भी हैं।

मुरादाबाद

बरेली के अलावा उत्तर प्रदेश का मुरादाबाद जिला भी शिक्षा के क्षेत्र में जाना-माना नाम है। कनेक्टिविटी से लेकर मूलभूत सुविधाओं के मामले में स्मार्ट सिटी के रूप में उभर रहा मुरादाबाद पिछले कुछ वर्षों में उच्च शिक्षा लेने वाले विद्यार्थियों की पहली पसंद बन गया है। देश के प्रथम चार डिग्री इंजीनियरिंग कॉलेजों में मुरादाबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का नाम सबसे ऊपर आता है। इसके अलावा यहां मूल शिक्षण प्रमाण पत्र जारी करने वाले 40 से भी ज्यादा कॉलेज हैं।

विदेशी व्यापार और प्रबंधन संस्थान मुरादाबाद का दूसरा उभरता हुआ संस्थान है। यहां न केवल पेशेवर पाठ्यक्रमों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपल्बध है, बल्कि सामाजिक विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी जैसे पाठ्यक्रम भी शामिल हैं।



इन प्रतिष्ठित संस्थानों का लक्ष्य है कि देश के आर्थिक विकास में योगदान देने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मदद से छात्रों में कौशल विकसित किया जाए। इन संस्थानों का समाज से लेकर देश की शिक्षा व्यवस्था और आर्थिक हालातों पर भी गहरा असर पड़ रहा है। छात्रों को इन सुविधाओं के कारण अब अच्छी शिक्षा की तलाश में बड़े शहरों का रुख करने की जरूरत नहीं है।

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