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Maharashtra: एम्स-आईआईटी की तर्ज पर नासिक में बनेगा आदिवासी विश्वविद्यालय, राज्यपाल ने की घोषणा

Mon, 07 Oct 2024 07:07 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Mon, 07 Oct 2024 07:07 PM IST
सार

Maharashtra: महाराष्ट्र के राज्यपाल ने नासिक जिले में एम्स, आईआईटी और आईआईएम की तर्ज पर एक विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इसकी स्थापना के बाद आदिवासी छात्रों को मेडिकल, इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने का मौका मिलेगा।
 

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Maharashtra Governor says tribal university to come up in Nashik district, Read here
सीपी राधाकृष्णन - फोटो : PTI

विस्तार

CP Krishnan: महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन सोमवार को पालघर जिले के आदिवासी बहुल जौहर तालुका जौहर में आयोजित 'ग्राम सभा सम्मेलन' में शामिल हुए। इस दौरान पालघर और नासिक के विभिन्न ग्राम सभाओं (ग्राम परिषदों) के प्रतिनिधि एकत्रित हुए। सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने नासिक जिले में एक आदिवासी विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा की है।

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राधाकृष्णन कहा कि आदिवासी समुदाय राज्य के सांस्कृतिक ताने-बाने का अभिन्न अंग हैं। राज्यपाल ने जुलाई के अंत में पदभार ग्रहण किया था और एक सभा में बोलते हुए कहा कि वह महाराष्ट्र के सभी आदिवासी क्षेत्रों और उन गांवों का भी दौरा करेंगे जहां विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों (पीवीटीजी) के सदस्य रहते हैं।
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राधाकृष्णन ने कहा, "मैंने नासिक में एक आदिवासी विश्वविद्यालय स्थापित करने का फैसला किया है, जिसमें एम्स की तर्ज पर एक मेडिकल कॉलेज, आईआईटी जैसा एक इंजीनियरिंग स्कूल और आईआईएम जैसा एक प्रबंधन स्कूल जैसे विश्व स्तरीय संस्थान शामिल होंगे। यह पहल सुनिश्चित करेगी कि आदिवासी छात्रों को सर्वोत्तम शिक्षा तक पहुंच मिले।"
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राधाकृष्णन ने कहा, "ग्राम सभा केवल ग्रामीणों की बैठक नहीं है, यह लोकतंत्र का जीवंत प्रतीक है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए ग्राम सभाओं को सशक्त बनाना महत्वपूर्ण है।

राज्यपाल ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार गांवों और आदिवासी समुदायों के व्यापक विकास के लिए समर्पित है। महाराष्ट्र में समृद्ध आदिवासी विविधता है और भील, गोंड-माडिया, कटकरी, कोली और वारली जैसे समुदाय राज्य के सांस्कृतिक ताने-बाने का अभिन्न अंग हैं।"

उन्होंने जिला प्रशासन से वन अधिकार दावों के निपटारे में तेजी लाने का आग्रह किया, ताकि आदिवासी समुदायों को उनका उचित लाभ मिल सके। राधाकृष्णन ने ग्राम सभाओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, आवास और कृषि के लिए सरकारी योजनाएं प्रत्येक पात्र ग्रामीण तक प्रभावी रूप से पहुंचें।


राज्यपाल ने ग्राम सभा की बैठकों में महिलाओं की भागीदारी के महत्व पर जोर दिया और पारदर्शिता और संचार को बढ़ाने के लिए गांवों में डिजिटल बुनियादी ढांचे की वकालत की, जिससे विकास परियोजनाओं की वास्तविक समय पर ट्रैकिंग हो सके।

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