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फुटपाथ पर रहने वाली अस्मा शेख ने पास की 10वीं की परीक्षा, आगे पढ़ने की भी है इच्छा
Wed, 05 Aug 2020 05:52 PM IST
ललित फुलारा
एजुकेशन डेस्क,अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क,अमर उजाला
Published by: ललित फुलारा
Updated Wed, 05 Aug 2020 05:52 PM IST
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छात्र-छात्राएं (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : iStock
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मुंबई में फुटपाथ पर रहने वाली 17 वर्षीय अस्मा शेख ने तमाम मुश्किलों के बावजूद इस साल महाराष्ट्र बोर्ड की 10वीं परीक्षा उत्तीर्ण की है। अब उसकी इच्छा आगे पढ़ाई करने और एक अच्छी नौकरी पाकर अपने माता-पिता के लिए एक घर बनाने की है। अस्मा ने महाराष्ट्र बोर्ड के माध्यमिक विद्यालय प्रमाणपत्र (एसएससी) परीक्षा में 40 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। वह डोंगरी इलाके में एक कन्या विद्यालय में पढ़ती हैं। उसके भाई ने भी संधट्रस्ट रोड पर एक स्कूल से छठी कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की है।
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पिता बेचते हैं नींबू पानी
अस्मा गरीब परिवार से आती हैं। उनके पिता नींबू पानी बेचते हैं। वह अपने परिवार के साथ मुंबई प्रेस क्लब के पास बीमएसी मुख्यालय के पीछे एक फुटपाथ पर रहती हैं। उनके पिता परिवार के भरण-पोषण के लिए ‘नींबू पानी’ की रेहड़ी लगाते हैं। अस्मा को पढ़ाई की महत्ता का अंदाजा है और वह आगे अपनी पढ़ाई पूरी कर जिंदगी में कुछ बनना चाहती हैं। अस्मा का कहना है कि वह जन्म से ही फुटपाथ पर रह रही हैं। उनके दादा भी यहीं रहते थे।
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कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए लगे लॉकडाउन में उनके पिता का नींबू पानी बेचने का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ और अब वह रोजी-रोटी के लिए चौकीदार का काम कर रहे हैं। अस्मा ने कहा, ‘मेरे पिता नींबू पानी बेचकर दो दिन में 500 रुपये कमाते थे। इसी से उन्होंने हमारी स्कूल फीस भरी।
नौकरी कर माता-पिता के लिए घर बनाना चाहती हैं अस्मा
अस्मा ने कहा कि उनका लक्ष्य खुद को शिक्षित कर एक अच्छी नौकरी हासिल करना और अपने माता-पिता के लिए एक घर बनाना है। सांसद मिलिंद देवड़ा ने उनसे संपर्क किया और उसकी उच्च शिक्षा के लिए के.सी कॉलेज की प्रधानाचार्य से भी बात की। अस्मा का कहना है कि एमपी मिलिंद देवड़ा मेरी मदद कर रहे हैं। मुझे 11वीं कक्षा में दाखिले के लिए एक ऑनलाइन पर्चा भरना है। मैं आगे की पढ़ाई को लेकर काफी उत्साहित हूं।
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