फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Kerala govt not imposing any kind of uniform on children, schools can decide says CM Vijayan

सीएम विजयन का बड़ा बयान : बच्चों पर नहीं थोपी जाएगी यूनिफॉर्म, स्कूल अपने स्तर पर कर सकते हैं तय

Wed, 24 Aug 2022 04:21 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Wed, 24 Aug 2022 04:21 PM IST
सार

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग पोशाक, भोजन और विश्वास के मामले में हर स्वतंत्रता के हकदार हैं और इनके बारे में कोई अतिवादी दृष्टिकोण नहीं हो सकता है।

विज्ञापन
Kerala govt not imposing any kind of uniform on children, schools can decide says CM Vijayan
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन - फोटो : ANI

विस्तार

केरल सरकार की लैंगिक तटस्थ नीति की आलोचना के मद्देनजर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बुधवार को बड़ा एलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वाम सरकार यह तय नहीं करने जा रही है कि बच्चों को स्कूलों में किस तरह की यूनिफॉर्म पहननी चाहिए।

विज्ञापन

सीएम ने विधानसभा में कहा कि राज्य में यह तय करना कि लड़कियों और लड़कों को किस तरह की यूनिफॉर्म पहननी चाहिए, शिक्षण संस्थानों का विशेषाधिकार है। राज्य सरकार की लिंग तटस्थ नीति की विशेष रूप से यूनिफॉर्म को लेकर कांग्रेस सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और विभिन्न रूढ़िवादी मुस्लिम संगठनों के नेताओं द्वारा आलोचना की गई है। 

विज्ञापन

एलडीएफ विधायक शैलजा ने की थी समानता की बात

इस मुद्दे पर सीएम एलडीएफ विधायक केके शैलजा की उस बात का जवाब दे रहे थे, जिसमें कहा गया था कि सरकार को सभी को विश्वास में लेकर महिलाओं और ट्रांसजेंडरों के लिए लैंगिक न्याय और समानता सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का इरादा स्कूलों में लड़कों और लड़कियों के लिए एक ही तरह की यूनिफॉर्म लागू करने का नहीं है। उन्होंने कहा कि संबंधित शिक्षण संस्थानों, उनके शिक्षकों, पीटीए और छात्र प्रतिनिधियों को उचित यूनिफॉर्म पर चर्चा कर निर्णय लेना चाहिए और उसे लागू करना चाहिए।
 

हर कोई स्वतंत्रता के हकदार

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी पर भी किसी भी तरह की पोशाक थोपना इस सरकार की नीति नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कोई विशेष निर्देश जारी नहीं किया गया है। लोग पोशाक, भोजन और विश्वास के मामले में हर स्वतंत्रता के हकदार हैं और इनके बारे में कोई अतिवादी दृष्टिकोण नहीं हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं सहित ड्रेस कोड थोपने की कोशिशें प्रगतिशील ज्ञानवान समाज के निर्माण के हमारे मकसद में बाधक हैं। सरकार का मानना है कि समाज के सभी वर्गों को उनकी जाति, धर्म और लिंग की परवाह किए बिना स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। सीएम ने कहा कि हमें इसके लिए अनुकूल माहौल बनाने की जरूरत है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed