JU Ragging Case: सीसीटीवी कैमरों से लैस हो रही जादवपुर यूनिवर्सिटी, वाइस चांसलर बुद्धदेव साव ने दी जानकारी
JU Ragging Case: जादवपुर विश्वविद्यालय छात्र की मौत के बाद से विवाद के घेरे में है। विश्वविद्यालय पर परिसर में कैमरे न होने का भी आरोप लगा था। अब इस दिशा में विश्वविद्यालय ने कदम उठाया है और कैमरे लगाने शुरू किए हैं।
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JU Ragging Case: जादवपुर विश्वविद्यालय में बीते कुछ दिनों पहले एक फ्रेशर छात्र की कथित तौर पर रैगिंग और उत्पीड़न के चलते मौत हो गई थी। मामले ने काफी तूल पकड़ा और कई छात्रों की गिरफ्तारी भी हुई। अब जादवपुर विश्वविद्यालय के अंतरिम कुलपति बुद्धदेव साव ने शनिवार को कहा कि विश्वविद्यालय के परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साव ने कहा कि एंट्री गेट्स सहित सभी सुविधाजनक स्थानों पर कैमरे लगाए जाएंगे।
सभी जरूरी जगहों पर लगेंगे कैमरे
साव ने संवाददाताओं से कहा, "सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई। मुख्य प्रवेश द्वारों सहित सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर कैमरे लगाए जाएंगे।" साव ने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की एक टीम भी मानव निगरानी सहित संस्थान में सुरक्षा पहलुओं पर चर्चा करने के लिए विश्वविद्यालय का दौरा करेगी। इस बीच, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने पिछले गुरुवार को परिसर में सेना की पोशाक पहने एक कथित मानवाधिकार कार्यकर्ता समूह की मौजूदगी के संबंध में जादवपुर पुलिस स्टेशन में एक रिपोर्ट सौंपी है।
कैमरे न होने का लगा था आरोप
9 अगस्त को मुख्य लड़कों के छात्रावास की दूसरी मंजिल की बालकनी से गिरने के एक दिन बाद बंगाली विभाग के 17 वर्षीय स्नातक छात्र की मौत के बाद विश्वविद्यालय के अधिकारियों को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा। मृतक छात्र के परिवार ने आरोप लगाया कि लड़का रैगिंग और यौन शोषण से पीड़ित था। पश्चिम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने विश्वविद्यालय अधिकारियों पर परिसर के अंदर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाने की गलती का आरोप लगाया था।
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