{"_id":"61c05a6083570d109563f67d","slug":"jpsc-pre-result-controversy-students-protests-against-7th-to-10th-jpsc-civil-services-pre-exam-results-cm-hemant-soren-gives-reply-in-assembly","type":"story","status":"publish","title_hn":"JPSC Controversy: झारखंड लोकसेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा परिणामों पर विवाद जारी, सीएम सोरेन ने दिया जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
JPSC Controversy: झारखंड लोकसेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा परिणामों पर विवाद जारी, सीएम सोरेन ने दिया जवाब
Mon, 20 Dec 2021 04:03 PM IST
सुभाष कुमार
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: सुभाष कुमार
Updated Mon, 20 Dec 2021 04:03 PM IST
सार
JPSC Pre Result Controversy:झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की गई 7वीं से दसवीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी के आरोप परिणामों की घोषणा के बाद से ही लगने शुरू हो गए थे। पहले इस परीक्षा पर पेपर लीक के आरोप लगे थे।
विज्ञापन
JPSC Pre Result Controversy
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
झारखंड लोकसेवा आयोग (जेपीएससी) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणामों के ऊपर विरोध और तेज होती जा रहा है। उम्मीदवारों का आरोप है कि परीक्षा में बड़े स्तर पर धांधली हुई है। उम्मीदवार बीते 50 दिनों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। वह इस मामले पर कार्रवाई करते हुए जेपीएससी अध्यक्ष को बर्खास्त करने, प्रारंभिक परीक्षा परिणाम को रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन
विधानसभा में उठा मुद्दा
जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के परिणामों के ऊपर विवाद का मुद्दा झारखंड विधानसभा में शीतकालीन सत्र के दौरान भी देखने को मिला। विपक्ष ने भी मामले पर मुख्यमंत्री से जवाब की मांग की।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बयान दिया कि मामले की जांच चल रही है। जेपीएससी एक स्वतंत्र संस्था है। परीक्षा परिणामों में राज्य सरकार का कहीं कोई भी हस्तक्षेप नहीं है। जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के परिणामों को लेकर सदन में कार्यस्थगन प्रस्ताव भी लाया गया जिसे अमान्य करार दे दिया गया है।
विज्ञापन
क्या है विवाद?
झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की गई 7वीं से दसवीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी के आरोप परिणामों की घोषणा के बाद से ही लगने शुरू हो गए थे। पहले इस परीक्षा पर पेपर लीक के आरोप लगे थे। वहीं, एक पंक्ति में बैठे हुए 49 उम्मीदवारों के एक साथ ही पास हो जाने पर भी परिणामों पर भी विवाद सामने आया। इसे लेकर छात्रों ने राजभवन तक आंदोलन भी किया था।
विज्ञापन
विवाद के बाद जांच में आयोग की ओर से कुल 57 उम्मीदवारों को असफल घोषित कर दिया गया था। आयोग ने बताया था कि क्रमवार बैठे 49 उम्मीदवारों की ओएमआर शीट न मिलने के कारण परिणाम में देरी को ध्यान में रखते हुए इन्हें सफल घोषित कर दिया गया था, अब इन्हें असफल कर दिया गया है। 8 अन्य उम्मीदवारों को अन्य कारणों का हवाला देकर असफल किया गया है। वहीं आयोग द्वारा एक कमेटी का गठन कर के इस मामले की जांच की भी जिम्मेदारी दी गई है।
कब हुई थी परीक्षा?
झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन अक्तूबर महीने में किया गया था। वहीं, परीक्षा के परिणामों की घोषणा 1 नवंबर 2021 को की गई थी। परिणामों की घोषणा के बाद से ही उम्मीदवार लगातार परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं।