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MEA: अमेरिका में भारतीय छात्रों पर कार्रवाई पर विदेश मंत्रालय का बयान, कहा- 'स्थानीय कानूनों का पालन करें'

Sat, 22 Mar 2025 07:44 AM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Sat, 22 Mar 2025 07:44 AM IST
सार

MEA: विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि अमेरिका में भारतीय छात्रों को स्थानीय कानूनों का पालन करना चाहिए। यह बयान जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के पोस्टडॉक्टरल फेलो बदर खान सूरी की हिरासत और भारतीय छात्रा रंजनी श्रीनिवासन के वीजा रद्द होने के बाद आया। 
 

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Indian Students in US Must Follow Local Laws, Says MEA After Visa Row
रंधीर जायसवाल - फोटो : ANI

विस्तार

America: विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों को स्थानीय कानूनों का पालन करना चाहिए। यह बयान जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के एक पोस्टडॉक्टरल फेलो की हिरासत और एक अन्य भारतीय छात्रा को कनाडा भेजे जाने की घटना के बाद आया।

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इन दोनों भारतीय नागरिकों ने अमेरिका में भारतीय मिशनों से किसी प्रकार की सहायता के लिए संपर्क नहीं किया।
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अमेरिकी होमलैंड सुरक्षा विभाग ने वाशिंगटन डीसी स्थित जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के पोस्टडॉक्टरल फेलो बदर खान सूरी को सोमवार रात हिरासत में लिया। उन पर "हमास के दुष्प्रचार को बढ़ावा देने" के आरोप लगे हैं। हालांकि, एक अमेरिकी संघीय न्यायाधीश ने सूरी के निर्वासन पर फिलहाल रोक लगा दी है।
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सूरी की हिरासत की यह घटना कोलंबिया विश्वविद्यालय में पढ़ रही भारतीय छात्रा रंजनी श्रीनिवासन के वीजा रद्द किए जाने के कुछ दिनों बाद सामने आई है। श्रीनिवासन पर "हिंसा और आतंकवाद का समर्थन" करने और हमास के पक्ष में गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्हें अमेरिका छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। जायसवाल ने कहा कि अमेरिका में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास उन छात्रों की सहायता के लिए तैयार हैं, जिन्हें किसी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

वीजा और आव्रजन (Immigration) नीतियों पर बयान

विदेश मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया कि वीजा और आव्रजन नीतियों पर निर्णय लेना प्रत्येक देश का संप्रभु अधिकार है और वहां रह रहे सभी लोगों को इन कानूनों का पालन करना चाहिए।

जायसवाल ने कहा, "जब वीजा और आव्रजन नीति की बात आती है, तो यह संबंधित देश की नीति के अनुसार तय होता है। हम उम्मीद करते हैं कि जब विदेशी नागरिक भारत आते हैं, तो वे हमारे कानूनों का पालन करते हैं। इसी तरह, जब भारतीय नागरिक विदेश में होते हैं, तो उनसे भी यह अपेक्षा की जाती है कि वे वहां के स्थानीय नियमों और कानूनों का पालन करें।"

सूरी की हिरासत पर जायसवाल
बदर खान सूरी की हिरासत को लेकर जायसवाल ने कहा, "हमें मीडिया रिपोर्ट्स से जानकारी मिली है कि इस व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। न तो अमेरिकी प्रशासन और न ही इस व्यक्ति ने हमसे या भारतीय दूतावास से संपर्क किया है।" 

वहीं, रंजनी श्रीनिवासन के मामले पर उन्होंने कहा कि भारतीय अधिकारियों को इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उन्होंने मदद के लिए दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क किया था। 

उन्होंने बताया, "हमें मीडिया रिपोर्ट्स के माध्यम से पता चला है कि वह अमेरिका छोड़कर कनाडा चली गई हैं।"

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