India-US Education: भारतीय टीम अमेरिका में तलाश रही शैक्षणिक भागीदारी के मौके, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु कर रहे नेतृत्व
India-US Education partnerships: प्रतिनिधिमंडल भारत और अमेरिका, दोनों देशों के बीच नई शैक्षणिक भागीदारी को लेकर अवसरों और विकल्प की तलाश करेगा। भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई राज्यसभा सांसद पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु कर रहे हैं।
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भारत और अमेरिका के बीच, हाल ही में वाशिंगटन में संपन्न हुई चौथी टू प्लस टू मंत्रिस्तरीय वार्ता के बाद एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका दौरे पर गया है। यह प्रतिनिधिमंडल भारत और अमेरिका, दोनों देशों के बीच नई शैक्षणिक भागीदारी को लेकर अवसरों और विकल्प की तलाश करेगा। भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई राज्यसभा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु कर रहे हैं।
यह यात्रा भारत और अमेरिका के रक्षा एवं विदेश मंत्रियों के बीच 2+2 वार्ता खत्म होने के कुछ हफ्तों बाद आयोजित हो रही है। दोनों देश टू प्लस टू मंत्रिस्तरीय वार्ता के दौरान संयुक्त सहयोग के माध्यम से शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर सहमत हुए हैं। इसके अलावा दोनों देशों में छात्रों और विद्वानों के प्रयास के माध्यम जनता से जुड़ाव बनाने के लिए सहमत हुए हैं।
सेमेस्टर एंड फैकल्टी एक्सचेंज, रिसर्च, डुअल डिग्री के लिए होगी साझेदारी
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रभु के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने बोस्टन, न्यूयॉर्क, शिकागो, वाशिंगटन डीसी, ह्यूस्टन, लॉस एंजिल्स और सैन फ्रांसिस्को सहित कई अमेरिकी शहरों का दौरा किया है। इस दौरान उन्होंने बिजनेस लीडर्स, शिक्षाविदों के साथ बैठकें भी कीं। साथ ही साझा तौर पर छात्रों के उत्थान और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विमर्श किया। प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी विश्वविद्यालयों के साथ सेमेस्टर एक्सचेंज, फैकल्टी एक्सचेंज, शोध परियोजनाओं, डुअल डिग्री आदि के लिए शैक्षणिक साझेदारी शुरू करने की पहल की है।
एजुकेशन एंड स्किल डेवलपमेंट वर्किंग ग्रुप होगा स्थापित
प्रभु ने विश्वविद्यालयों के अधिकारियों, शिक्षा और बिजनेस लीडर्स के साथ विभिन्न वार्ताओं के दौरान कहा कि अमेरिका आने के बाद, मिलने वाले अवसरों के कारण कई व्यक्ति सफल हुए हैं। हमें भारत में भी समान अवसर और माहौल प्रदान करना है और इसके लिए प्रणालीगत सुधारों पर जोर दिया जा रहा है। बता दें कि टू प्लस टू वार्ता के दौरान, विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने संयुक्त बयान में इंडिया-यूएस एजुकेशन एंड स्किल डेवलपमेंट वर्किंग ग्रुप स्थापित करने की घोषणा थी।
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