IITM: देशभर में तेजी से लागू हो सकेगा सुरक्षित और मजबूत 5G नेटवर्क, आईआईटी मद्रास की TSTL को मिली जिम्मेदारी
IIT Madras: आईआईटी मद्रास की प्रवरतक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन की टेलीकॉम सिक्योरिटी टेस्टिंग लैब (TSTL) देश की पहली अधिकृत लैब बन गई है, जिसे दूरसंचार विभाग ने 5G कोर नेटवर्क और AMF डिवाइस की टेस्टिंग की मंजूरी दी है। इससे भारत में सुरक्षित 5G नेटवर्क को बढ़ावा मिलेगा।
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IIT Madras: आईआईटी मद्रास की प्रवरतक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन की टेलीकॉम सिक्योरिटी टेस्टिंग लैब (TSTL) अब देश की पहली ऐसी लैब बन गई है जिसे केंद्रीय दूरसंचार विभाग ने 5G नेटवर्क और उपकरणों की जांच के लिए आधिकारिक तौर पर मान्यता दी है। यह लैब अब 5G के कोर-नेटवर्क फंक्शन, एक्सेस और मोबिलिटी मैनेजमेंट फंक्शन (AMF), और 5G ग्रुप-I उपकरणों की सुरक्षा की जांच कर सकती है।
इस प्रमाणन का मतलब है कि अब देश में 5G मोबाइल टेलीकॉम उपकरणों की सुरक्षा का परीक्षण यहां किया जाएगा, जिससे भारत में सुरक्षित और मजबूत 5G नेटवर्क तेजी से लागू किया जा सकेगा।
एनसीएसएस और सुरक्षा परीक्षण की जिम्मेदारी
टीएसटीएल ने यह महत्वपूर्ण प्रमाणन नेशनल सेंटर फॉर कम्युनिकेशन सिक्योरिटी (NCSS) से प्राप्त किया है। NCSS यह सुनिश्चित करता है कि 5G नेटवर्क और उपकरण सुरक्षित हों। इसके तहत 21 महत्वपूर्ण कोर-नेटवर्क फंक्शन को सुरक्षा मानकों के अनुसार टेस्ट किया जाएगा।
भारत में दूरसंचार और आईसीटी उत्पादों की सुरक्षा जांच और प्रमाणन का काम NCSS को दिया गया है। यह काम कम्युनिकेशन सिक्योरिटी सर्टिफिकेशन स्कीम (ComSec) के अंतर्गत आता है। ComSec के नियमों के अनुसार टेलीकॉम उपकरणों का जरूरी परीक्षण और प्रमाणन किया जाता है।
आईआईटी मद्रास की भूमिका
आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कमकोटी ने कहा, "यह प्रमाणन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इससे हम विदेशी लैब्स पर निर्भर नहीं रहेंगे, हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी और देशी तकनीकी क्षमताओं को बढ़ावा मिलेगा। टीएसटीएल अकादमी और उद्योग को जोड़कर नए शोध और नवाचार को प्रोत्साहित करेगा, जिससे आईआईटी मद्रास सुरक्षित टेलीकॉम समाधान विकसित कर सकेगा।"
प्रवरतक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन
प्रवरतक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन एक पंजीकृत कंपनी है, जो सेंसर, नेटवर्किंग, एक्ट्यूएटर और नियंत्रण प्रणाली पर आधारित तकनीकी नवाचार करती है। यह तकनीकी नवाचार का हब है, जो देश में नई और सुरक्षित तकनीकों के विकास में मदद करता है।
आईआईटी मद्रास प्रवरतक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन के सीईओ एम.जे. शंकर रमण ने बताया कि टीएसटीएल का यह प्रमाणन भारत की मजबूत और सुरक्षित दूरसंचार अवसंरचना तैयार करने की क्षमता को मान्यता देता है।
रमण ने कहा, "टीएसटीएल अब भारत की पहली लैब है, जिसे 5G कोर-नेटवर्क फंक्शन, खासकर AMF और 5G ग्रुप-I उपकरणों की जांच के लिए अधिकृत किया गया है। इन उपकरणों को 21 कोर-नेटवर्क फंक्शन के सुरक्षा मानकों के अनुसार परीक्षण किया जाएगा। यह प्रमाणन लैब की महत्वपूर्ण भूमिका को दिखाता है, जो भारतीय टेलीकॉम सुरक्षा मानक (ITSAR) के अनुसार उपकरणों और नेटवर्क की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।"
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