{"_id":"5ed9bdb0f916cf569a0f2f39","slug":"iit-delhi-now-nit-btech-students-will-be-able-to-do-phd-directly","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईआईटी दिल्ली: अब सीधे पीएचडी कर सकेंगे एनआईटी के बीटेक छात्र","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
आईआईटी दिल्ली: अब सीधे पीएचडी कर सकेंगे एनआईटी के बीटेक छात्र
Fri, 05 Jun 2020 09:06 AM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Fri, 05 Jun 2020 09:06 AM IST
विज्ञापन
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईआईटी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली में पढ़ने का हर किसी का सपना होता है। आईआईटी अपने अच्छे प्लेसमेंट और अपनी अच्छी शिक्षा के लिए जाना जाता है। लेकिन कुछ ही ऐसे हैं जो अपने सपने को पूरा कर पाते हैं। यहां हम बात कर रहे हैं एनआईटी वारंगल के छात्रों की। अब एनआईटी वारंगल के छात्रों को आईआईटी दिल्ली में सीधे पीएचडी की पढ़ाई का मौका मिलेगा। लेकिन ये सुविधा हर किसी के लिए उपलब्ध नहीं हैं। बता दें, यह सुविधा केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगी, जिनका बीटेक आखिरी वर्ष में सीजीपीए-8 से अधिक होगा। इन्हें गेट परीक्षा पास करने की अनिवार्यता नहीं रहेगी। इसके अलावा अन्य शोध कार्यों पर भी संयुक्त काम होगा।
आईआईटी दिल्ली के डायरेक्टर प्रो. वी रामगोपाल राव के मुताबिक, आईआईटी में पीएचडी छात्रों की संख्या बढ़ाने और एनआईटी के छात्रों को आगे बढ़ाने के मकसद से यह योजना शुरू की जा रही है। इसके लिए बृहस्पतिवार को आईआईटी दिल्ली और एनआईटी वारंगल में समझौता हुआ है। प्रो. राव के मुताबिक, दोनों प्रौद्योगिकी संस्थान हैं, लेकिन एनआईटी में दाखिला जेईई मेन और आईआईटी में जेईई मेन के बाद जेईई एडवांस परीक्षा पास करने के आधार पर मिलता है। दरअसल दोनों संस्थानों के छात्र पीएचडी की बजाय बीटेक के बाद नौकरी पर फोकस करते हैं।
विज्ञापन
आईआईटी दिल्ली के डायरेक्टर प्रो. वी रामगोपाल राव के मुताबिक, आईआईटी में पीएचडी छात्रों की संख्या बढ़ाने और एनआईटी के छात्रों को आगे बढ़ाने के मकसद से यह योजना शुरू की जा रही है। इसके लिए बृहस्पतिवार को आईआईटी दिल्ली और एनआईटी वारंगल में समझौता हुआ है। प्रो. राव के मुताबिक, दोनों प्रौद्योगिकी संस्थान हैं, लेकिन एनआईटी में दाखिला जेईई मेन और आईआईटी में जेईई मेन के बाद जेईई एडवांस परीक्षा पास करने के आधार पर मिलता है। दरअसल दोनों संस्थानों के छात्र पीएचडी की बजाय बीटेक के बाद नौकरी पर फोकस करते हैं।
विज्ञापन
कमेंट
कमेंट X