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IIM Rohtak Corruption Case: निदेशक धीरज शर्मा पर लटकी तलवार, केंद्र का फरमान- निलंबन हो या 'जांच तक छुट्टी'
Fri, 14 Mar 2025 03:20 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Fri, 14 Mar 2025 03:20 AM IST
सार
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय निदेशक को अगले आदेश तक आईआईएम परिसर से दूर रहने के लिए भी कहा गया है। इसके अलावा, केंद्र ने बोर्ड से आईआईएम रोहतक का प्रभार किसी अन्य संकाय सदस्य को सौंपने को भी कहा है, जो संस्थान के वित्तीय मामलों से जुड़ा हुआ नहीं हो।
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आईआईएम रोहतक के निदेशक व अन्य अधिकारी (फाइल)
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), रोहतक के निदेशक धीरज शर्मा पर निलंबन की गाज गिर सकती है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को IIM, रोहतक के बोर्ड को निर्देश दिया है कि वह शर्मा को निलंबित करे या उन्हें जांच पूरी होने तक छुट्टी पर भेजे।
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सूत्रों के मुताबिक, निदेशक को अगले आदेश तक आईआईएम परिसर से दूर रहने के लिए भी कहा गया है। इसके अलावा, केंद्र ने बोर्ड से आईआईएम रोहतक का प्रभार किसी अन्य संकाय सदस्य को सौंपने को भी कहा है, जो संस्थान के वित्तीय मामलों से जुड़ा हुआ नहीं हो।
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शर्मा पर ये लगे हैं आरोप
शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने आईआईएम रोहतक की वित्तीय स्थिति को गलत तरीके से प्रस्तुत किया और 2018-19 से उन्हें बहुत अधिक 'वेरिएबल पे' (प्रत्येक वर्ष एक करोड़ रुपये से अधिक) का भुगतान करने के लिए फर्जी आंकड़े पेश किए।
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राष्ट्रपति मुर्मू ने दिए थे जांच के आदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस महीने की शुरुआत में शर्मा के कार्यकाल के दौरान सरकारी धन के दुरुपयोग की जांच के आदेश दिए थे। जांच में शर्मा और आईआईएम में भर्ती अन्य कर्मचारियों के शैक्षिक योग्यता प्रमाणपत्रों की जांच भी की जाएगी।
IIM रोहतक में मिली गंभीर वित्तीय अनियमितताएं
शिक्षा मंत्रालय के प्रधान मुख्य लेखा नियंत्रक द्वारा की गई जांच के बाद शर्मा के खिलाफ IIM रोहतक में गंभीर अनियमितताएं और सार्वजनिक धन का दुरुपयोग पाया गया था। मंत्रालय ने यह भी पाया कि शर्मा का डिग्री प्रमाण पत्र उनके कार्यकाल के दौरान बार-बार मांगा गया, लेकिन आईआईएम रोहतक ने इसे नहीं भेजा।
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नीरज कंसल का नामांकन प्रस्ताव भी रद्द करने को कहा
सूत्र के मुताबिक, इस संबंध में एक औपचारिक पत्र आईआईएम रोहतक के बोर्ड के अध्यक्ष जय देव श्रॉफ को भेजा गया है। मंत्रालय ने बोर्ड से 17 मार्च को प्रस्तावित 63वीं बैठक के लिए तय एजेंडे के अनुसार, IIM रोहतक के बोर्ड के सदस्य के रूप में नीरज कंसल के फिर से नामांकन के लिए दिए गए प्रस्ताव को रद्द करने को भी कहा है। इसके अलावा, जांच आईआईएम मुंबई के निदेशक प्रोफेसर मनोज तिवारी द्वारा की जाएगी और उन्हें तीन महीने में जांच पूरी करने को कहा गया है।
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