IHW Conference: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बोले- सभी अस्पतालों में शुरू होगी इंटिग्रेटिव मेडिसिन, होगा अलग विंग
IHW Conference 2022: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में इंटिग्रेटिव मेडिसिन के लिए एक अलग विंग स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।
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IHW Conference 2022: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया (Union Health Minister Mansukh Mandaviya) ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में इंटिग्रेटिव मेडिसिन के लिए एक अलग विंग स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है, जो पारंपरिक चिकित्सा को पूरक उपचार पद्धति के साथ जोड़ती है। मंडाविया हार्टफुलनेस द्वारा आयोजित इंटरनेशनल इंटिग्रेटिव हेल्थ एंड वेलबिंग कॉन्फ्रेंस (IHW Conference 2022) को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने ध्यान, योग और इससे संबंधित सभी पहलुओं और गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले प्लेटफार्मों पर 1,50,000 इंटिग्रेटिव हेल्थ एंड वेलबिंग सेंटर स्थापित किए हैं।
रिसर्च लैब तक सीमित न रहे
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मांडविया ने ट्वीट कर कहा कि आने वाले दिनों में हम सभी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में इंटीग्रेटिव मेडिसिन के लिए अलग-अलग डिवीजन बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इंडेक्स को प्रोत्साहन देने के लिए हम सभी के लिए काम के दरवाजे खोल रहे हैं। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में जोर देते हुए कहा कि एकीकृत दवा समय की जरूरत है। यह देखते हुए कि अनुसंधान केवल सरकारी प्रयोगशालाओं तक ही सीमित नहीं होना चाहिए।
आने वाले दिनों में हम सभी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में Integrative medicine के लिए अलग division बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) December 17, 2022
रिसर्च को प्रोत्साहन देने के लिए हम सभी के लिए संस्थाओं के दरवाजे खोल रहे हैं। pic.twitter.com/lODo8q7Cv5
सरकार ने अनैतिक लाभ नहीं उठाया
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र आध्यात्मिक आयाम को पहचानने और सार्वजनिक निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करने वाले रिसर्च को खोलना चाहता है। उनके अनुसार, सरकार ने कोविड-19 के समय लॉकडाउन के दौरान कीमतों में बढ़ोतरी किए बिना 150 से अधिक देशों को दवाएं भेजीं, जो संकट का नाजायज लाभ उठाने का एक तरीका होगा। उन्होंने कहा कि संकट के समय में मानव जाति की मदद करने के कारण दुनिया भारत पर भरोसा करने लगी है।
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