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महाराष्ट्र : कॉमन एंट्रेंस टेस्ट पेपर लीक का आरोप, सैकड़ों पीएचडी अभ्यर्थियों ने परीक्षा का किया बहिष्कार

Wed, 10 Jan 2024 06:14 PM IST
सौरभ पांडेय एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: सौरभ पांडेय Updated Wed, 10 Jan 2024 06:14 PM IST
सार

महाराष्ट्र में बुधवार को सैकड़ों पीएचडी धारक पुरुषों और महिलाओं ने प्रश्न पत्र लीक होने का आरोप लगाते हुए महाराष्ट्र सरकार के तहत विभिन्न शहरों में तीन संस्थानों द्वारा प्रदान की जाने वाली शोध फेलोशिप के लिए आम प्रवेश परीक्षा का बहिष्कार किया।

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Hundreds of PhD-holders boycotted common entrance test for research fellowships alleging a question paper leak
MAH CET 2024 - फोटो : social media

विस्तार

MAH CET 2024: महाराष्ट्र में बुधवार को सैकड़ों पीएचडी धारक पुरुषों और महिलाओं ने प्रश्न पत्र लीक होने का आरोप लगाते हुए महाराष्ट्र सरकार के तहत विभिन्न शहरों में तीन संस्थानों द्वारा प्रदान की जाने वाली शोध फेलोशिप के लिए आम प्रवेश परीक्षा का बहिष्कार किया। हालांकि सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय ने इस आरोप से इनकार किया है।

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बता दें कि सीईटी पहले दिन पुणे, नागपुर, कोल्हापुर और छत्रपति संभाजीनगर में होने वाली थी, लेकिन सैकड़ों छात्रों ने परीक्षा का बहिष्कार किया और परीक्षा केंद्र के बाहर प्रदर्शन किया।
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अनुसंधान फेलोशिप बाबासाहेब अम्बेडकर अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान (BARTI), छत्रपति शाहू महाराज अनुसंधान, प्रशिक्षण और मानव विकास संस्थान (SARTHI) और महाज्योति द्वारा प्रदान की जाती है। बाबासाहेब अम्बेडकर अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान और महाज्योति क्रमशः महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग और ओबीसी वर्ग के बहुजन कल्याण विभाग के तहत स्वायत्त संस्थान हैं। सारथी भी राज्य सरकार के अधीन एक स्वायत्त निकाय है।

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छात्रों ने लगाया पेपर लीक का आरोप

पुणे में आंदोलनकारी छात्रों में से एक ने दावा किया कि सीईटी में बैठने वाले छात्रों के बीच आमतौर पर चार प्रश्न पत्रों - ए, बी, सी और डी - के सेट वितरित किए जाते हैं। उसने दावा किया कि हालांकि, जब छात्रों को आज परीक्षा के पेपर मिले, तो उन्होंने पाया कि बी और डी सेट सील नहीं थे। अगर परीक्षा पेपर सेट सील नहीं किया गया है, तो इसका मतलब है कि वे पहले ही लीक हो चुके हैं।


एक अन्य छात्र ने कहा कि पीएचडी धारकों को शोध के लिए प्रवेश परीक्षा पास करने से छूट दी जानी चाहिए, क्योंकि अभ्यर्थी SET और NET योग्य हैं। वे पहले ही अकादमिक रूप से खुद को साबित कर चुके हैं, तो उन्हें रिसर्च फेलोशिप के लिए सीईटी परीक्षा में बैठने के लिए क्यों कहा जाना चाहिए।

एसपीपीयू ने किया खंडन

एसपीपीयू ने प्रश्नपत्र लीक के आरोपों का खंडन किया है। एसपीपीयू ने कहा कि मुद्रण प्रारूप बदल दिया गया होगा, क्योंकि पेपर के सभी चार सेट दो अलग-अलग एजेंसियों द्वारा मुद्रित किए गए थे। सभी प्रश्न पत्र गोपनीयता के साथ और सुरक्षा मानदंडों के अनुसार मुद्रित किए गए थे। सीलबंद प्रश्न पत्र परीक्षा केंद्रों पर ले जाए गए थे।

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