{"_id":"628f41dc86eba425355d2496","slug":"hijab-row-mangalore-university-college-students-protest-against-administration-for-not-implementing-the-hijab-rule","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hijab Row: कर्नाटक में हिजाब पर विवाद जारी, मंगलुरू यूनिवर्सिटी कॉलेज में धरने पर बैठे छात्र","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
Hijab Row: कर्नाटक में हिजाब पर विवाद जारी, मंगलुरू यूनिवर्सिटी कॉलेज में धरने पर बैठे छात्र
Thu, 26 May 2022 02:45 PM IST
सुभाष कुमार
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: सुभाष कुमार
Updated Thu, 26 May 2022 02:45 PM IST
सार
छात्र संगठन एबीवीपी ने कहा कि अगर कॉलेज में हिजाब पहनने की अनुमति है तो उन्हें भी भगवा शॉल पहनने की अनुमति दी जाए।
विज्ञापन
Hijab Row
- फोटो : ANI
विस्तार
कर्नाटक में हिजाब को लेकर विवाद एक बार फिर से सामने आ गया है। मंगलुरू के यूनिवर्सिटी कालेज में हिजाब पहनने के खिलाफ छात्र धरने पर बैठ गए हैं। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर हाई कोर्ट के नियमों का पालन न करने का आरोप लगाया है। छात्र संगठन एबीवीपी ने कॉलेज के खिलाफ गुरुवार को प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि राज्य के कॉलेजों में हिजाब पहनने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद भी इस कॉलेज की छात्राएं हिजाब पहन रही हैं। एबीवीपी ने कहा कि अगर कॉलेज में हिजाब पहनने की अनुमति है तो उन्हें भी भगवा शॉल पहनने की अनुमति दी जाए।
विज्ञापन
क्या है विवाद?
कर्नाटक में हिजाब विवाद की शुरुआत इस साल के जनवरी महीने में उडुपी जिले से हुई थी। यहां सरकारी पीयू कॉलेज में 6 मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनकर कक्षा में प्रवेश नहीं लेने दिया गया था। स्कूल प्रशासन का कहना था कि छात्राएं पहले हिजाब पहनकर नहीं आती थी, स्कूल में समान ड्रेस के कारण के कारण यह कदम लिया गया था। इसके बाद छात्राओं ने कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। धीरे-धीरे यह विवाद पूरे राज्य में फैल गया था और इस कारण कई दिनों तक स्कूलों को भी बंद करना पड़ा था।
विज्ञापन
हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका
हिजाब पहनने को लेकर मामले की सुनवाई एकल पीठ में हुई थी। इसके बाद मामले को बड़ी बेंच के पा, भेज दिया गया था। मुख्य न्यायाधीश रितु राज अवस्थी की अध्यक्षता वाली पीठ ने 17 मार्च को अहम फैसला सुनाते हुए छात्राओं की याचिका को खारिज कर दिया था। छात्राओं की दलील था कि हिजाब पहनना उनका संवैधानिक अधिकार है। हालांकि, कोर्ट ने यह कहते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी कि हिजाब पहनना इस्लाम में एक अनिवार्य प्रथा नहीं है।
विज्ञापन
परीक्षा में हुआ विवाद
हाई कोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार के प्री-यूनिवर्सिटी शिक्षा विभाग ने पीयू छात्रों के लिए ड्रेस कोड को अनिवार्य कर दिया था। कई छात्राओं ने हिजाब पहनकर परीक्षा में प्रवेश करने की कोशिश की थी। हालांकि, उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया था। वहीं, हिजाब विवाद में हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।
कमेंट
कमेंट X