Hijab Controversy: हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ उडुपी में 40 मुस्लिम छात्राओं ने परीक्षा देने से किया इनकार
कर्नाटक के आरएन शेट्टी पीयू कॉलेज में, 28 मुस्लिम छात्राओं में से 13 ने परीक्षा दी। हालांकि कुछ छात्र हिजाब पहनकर परीक्षा केंद्र पहुंचे, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Hijab Conflict: कर्नाटक के उडुपी जिले की 40 मुस्लिम छात्राओं ने मंगलवार (29 मार्च) को पहली प्री-यूनिवर्सिटी परीक्षा में बैठने से इसलिए मना कर दिया क्योंकि वे कक्षाओं के अंदर हिजाब पहनने के खिलाफ कर्नाटक उच्च न्यायालय के हालिया फैसले से नाराज थीं। बता दें कि कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 15 मार्च को कक्षा के अंदर हिजाब पहनने की अनुमति मांगने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जिसमें कहा गया था, कि हिजाब इस्लामी आस्था का आवश्यक धार्मिक हिस्सा नहीं है और यह भी कहा कि शैक्षिक संस्थानों में वर्दी पोशाक नियम का पालन किया जाना चाहिए।
Hijab Conflict: किन छात्राओं ने किया परीक्षा से इन्कार
मंगलवार को प्री-यूनिवर्सिटी परीक्षा में बैठने से इन्कार करने वालों में कुंडापुर की 24, बिंदूर की 14 और उडुपी के सरकारी गर्ल्स पीयू कॉलेज की 2 छात्राएं शामिल हैं, जो कक्षाओं में हिजाब पहनने को लेकर कानूनी लड़ाई में शामिल हैं। छात्राओं ने पहले भी प्रायोगिक परीक्षाओं का बहिष्कार किया था।
Hijab Conflict: कनार्टक के किन-किन कॉलेजों में छात्राओं ने परीक्षा से इन्कार किया
कर्नाटक के आरएन शेट्टी पीयू कॉलेज में, 28 मुस्लिम छात्राओं में से 13 ने परीक्षा दी। हालांकि कुछ छात्र हिजाब पहनकर परीक्षा केंद्र पहुंचे, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई। यही हाल उडुपी जिले के भंडारकर कॉलेज का भी रहा, यहां पांच में से चार छात्राएं परीक्षा में शामिल हुईं जबकि बसरूर शारदा कॉलेज की सभी छात्राएं परीक्षा में शामिल हुईं। नवुंडा राजकीय पीयू कॉलेज की 8 छात्राओं में से 6 ने परीक्षा नहीं दी, सूत्रों ने बताया कि जिले के कुछ निजी कॉलेजों ने हिजाब पहने छात्रों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति भी दी है।
Hijab Conflict: शीर्ष अदालत आदेश का इंतजार
सुप्रीम कोर्ट ने 24 मार्च को कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। हालांकि, कई छात्र ऐसे जो इस मुद्दे पर शीर्ष अदालत के आदेश तक इंतजार करने की योजना बना रहे हैं।
कमेंट
कमेंट X