Bombay High Court: पीछा करने के आरोपी को राहत, हाईकोर्ट ने पासपोर्ट रिन्यूअल के लिए क्लीयरेंस का दिया निर्देश
Bombay High Court: बॉम्बे हाईकोर्ट ने पीछा करने के मामले में आरोपी एक व्यक्ति को विदेश में पढ़ाई के लिए राहत देते हुए पुलिस और पासपोर्ट विभाग को पासपोर्ट रिन्यूअल के लिए क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया है।
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Bombay High Court: बॉम्बे हाईकोर्ट ने शहर की पुलिस और पासपोर्ट विभाग को कहा है कि पीछा करने के आरोप में फंसे एक व्यक्ति को पासपोर्ट रिन्यूअल के लिए क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जारी करें, ताकि वह अपनी पढ़ाई के लिए कनाडा जा सके।
न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी और अद्वैत सेठना की अदालत ने पिछले महीने ये आदेश दिया था कि जब अदालत ने पहले ही उस व्यक्ति को विदेश यात्रा की अनुमति दे दी है, तो पुलिस को सर्टिफिकेट जारी करना चाहिए। हालांकि, इस साल अप्रैल में मलाड पुलिस ने व्यक्ति के खिलाफ लंबित आपराधिक मामले के चलते नकारात्मक रिपोर्ट दी थी।
व्यक्ति ने पुलिस द्वारा पासपोर्ट अधिकारियों को जारी किए गए नकारात्मक सर्टिफिकेट को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और पासपोर्ट कार्यालय को क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश देने की मांग की, ताकि उसका पासपोर्ट नवीनीकृत किया जा सके।
अपनी याचिका में व्यक्ति ने कहा कि मजिस्ट्रेट की अदालत, जिसके समक्ष उसका मुकदमा लंबित है, ने उसके पासपोर्ट को नवीनीकृत करने की अनुमति दी है।
पुलिस को क्लियर वेरिफिकेशन देने का आदेश
याचिका में कहा गया है कि अप्रैल में हाईकोर्ट की एकल पीठ ने व्यक्ति को उस कोर्स की अवधि के लिए विदेश यात्रा करने की अनुमति दी थी, जिसमें उसने प्रवेश लिया है।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जब मजिस्ट्रेट ने नवंबर 2024 में पासपोर्ट के नवीनीकरण की अनुमति देने का निर्देश जारी किया है, तो पुलिस नकारात्मक रिपोर्ट जारी नहीं कर सकती थी।
पीठ ने कहा कि किसी भी अधिकारी का यह मामला नहीं था कि व्यक्ति विदेश यात्रा के लिए अधिकृत और/या हकदार नहीं था।
हाईकोर्ट ने कहा, "अगर ऐसा है तो निश्चित रूप से ऐसी यात्रा कागजी औपचारिकता नहीं रह सकती।"
कोर्ट ने कहा कि व्यक्ति का वर्तमान पासपोर्ट 2026 तक वैध है और उसे कनाडा सरकार द्वारा पहले ही वीजा दिया जा चुका है।
कोर्ट की पीठ ने कहा, "हमारा मानना है कि मलाड पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को पासपोर्ट विभाग को तत्काल 'क्लियर पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट' देनी चाहिए।"
इसने पुलिस द्वारा अप्रैल में प्रस्तुत नकारात्मक रिपोर्ट को खारिज कर दिया और उसे व्यक्ति के पक्ष में 'क्लियर पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट' जारी करने का निर्देश दिया।
विदेश पढ़ाई के लिए कोर्ट से पासपोर्ट मंजूरी
पीठ ने आदेश दिया कि यह वेरिफिकेशन रिपोर्ट पासपोर्ट अधिकारियों को अंतिम पुलिस क्लीयरेंस प्रमाणपत्र जारी करने के लिए प्रस्तुत की जाएगी।
2017 में, मलाड में व्यक्ति के खिलाफ पीछा करने, आपराधिक धमकी देने और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले शब्दों या इशारों का इस्तेमाल करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी। मामला मजिस्ट्रेट की अदालत में लंबित है।
अपनी याचिका में व्यक्ति ने कहा कि वह कनाडा में चार्टर्ड अकाउंटेंट का कोर्स करना चाहता है और उसने इसके लिए प्रवेश भी प्राप्त कर लिया है।
पिछले साल, व्यक्ति ने मजिस्ट्रेट की अदालत में एक आवेदन दायर कर अपने पासपोर्ट के नवीनीकरण की अनुमति मांगी थी और पुलिस को उसे मंजूरी प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश देने की मांग की थी।
पासपोर्ट प्राधिकरण की ओर से पेश हुए अधिवक्ता डी पी सिंह ने अदालत को बताया कि पासपोर्ट विभाग संबंधित पुलिस स्टेशन से सकारात्मक रिपोर्ट मिलने के बाद ही मंजूरी प्रमाण पत्र जारी करेगा।
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