गुजरात यूनिवर्सिटी: दूसरे, चौथे और छठे सेमेस्टर की परीक्षाएं रद्द, बिना एग्जाम पास होंगे छात्र
- गुजरात सरकार ने सभी विश्वविद्यालयों की यूजी परीक्षाओं को रद्द कर दिया है।
- यूजी के छात्र इस साल बिना परीक्षा ही अगली कक्षा में पदोन्नत होंगे।
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गुजरात सरकार ने सभी विश्वविद्यालयों की स्नातक परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। कोरोना वायरस की दूसरी लहर के कारण पैदा हुए स्थिति के चलते यह फैसला लिया गया है। सूबे के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने सभी विश्वविद्यालयों की यूजी परीक्षाओं को रद्द करने और विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के ही अगली कक्षा में प्रमोट करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने मेडिकल और पैरामेडिकल कार्यक्रमों को छोड़कर गुजरात विश्वविद्यालयों में दूसरे चौथे और छठे सेमेस्टर के 9.5 लाख से अधिक छात्रों को योग्यता-आधारित प्रगति प्रदान करने की घोषणा की है।
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सूबे में मेडिकल और पैरा-मेडिकल पाठ्यक्रमों के अलावा यूजी के दूसरे, चौथे और छठे सेमेस्टर की परीक्षाओं को रद्द कर दिया है और इन सभी सेमेस्टर के छात्रों को उनकी योग्यता के हिसाब से प्रगति देने का फैसला लिया है। ये सभी सेमेस्टर के विद्यार्थी अगली कक्षाओं में बिना परीक्षा के ही प्रमोट होंगे।
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सूबे के सभी सरकारी और गैर-सरकारी कॉलेजों की यूजी की परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। हालांकि, अभी विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रमोट करने के मापदंड जारी नहीं हुए हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ गुजरात जल्द ही छात्रों को किस आधार पर पास किया जाएगा इसकी क्राइटेरिया जारी करेगी। इससे पहले सूबे की सरकार ने नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा के छात्रों को बिना परीक्षा के ही अगली कक्षा में प्रमोट करने की घोषणा की थी। गौरतलब है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर की वजह से लगभग सभी राज्यों में कॉलेजों की यूजी और पीजी परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है।
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