पहल : पहली बार ये विश्वविद्यालय छात्राओं को देगा माहवारी पर छुट्टी, 75 फीसदी उपस्थिति नियम से मिलेगी छूट
Menstrual Leave for Female Students: कोचिन विश्वविद्यालय ने छात्राओं को मासिक धर्म की छुट्टी देने का फैसला किया है। कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CUSAT) ने विश्वविद्यालय के छात्र संघ से मिले प्रतिनिधित्व के बाद यह निर्णय किया है।
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Cochin University Grants Menstrual Leave: देश में पहली बार, केरल के एक विश्वविद्यालय ने अपने यहां अध्ययनरत छात्राओं के लिए मासिक धर्म यानी माहवारी का अवकाश (Menstrual Leave) देने की घोषणा की है। दरअसल, कोचिन विश्वविद्यालय ने छात्राओं को मासिक धर्म की छुट्टी देने का फैसला किया है।
कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CUSAT) ने विश्वविद्यालय के छात्र संघ से मिले प्रतिनिधित्व के बाद यह निर्णय किया है। विश्वविद्यालय की ओर से 11 जनवरी, 2023 को जारी अवकाश संबंधी आदेश में कहा गया है कि विश्वविद्यालय ने प्रत्येक सेमेस्टर में छात्राओं की उपस्थिति में कमी को लेकर दो प्रतिशत अतिरिक्त छूट देने का फैसला किया है।
अनिवार्य उपस्थिति में दो फीसदी की छूट मिलेगी
नियमानुसार, कोचिन विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक सेमेस्टर में 75 प्रतिशत उपस्थिति का मानंदड परीक्षा में शामिल होने की योग्यता के लिए अनिवार्य है। वहीं, अक्सर छात्राएं मासिक धर्म यानी पीरियड टाइम के शुरुआती तीन दिन घर से बाहर जाने बचती हैं और ऐसे में उनकी हर महीने तीन दिन की अतिरिक्त छुट्टी हो जाती है।
इससे वर्ष के अंत में लड़कों के अपेक्षा कई लड़कियों की उपस्थिति अनिवार्यता नियम से कम रह जाती है। इसलिए, विश्वविद्यालय ने छात्राओं को मासिक धर्म अवकाश के साथ उपस्थिति की कमी को दो प्रतिशत की छूट देते हुए अनिवार्य उपस्थिति को घटाकर 73 प्रतिशत किए जाने का फैसला किया है।
मासिक धर्म की छुट्टी का नियम बनाना चाहिए
कोचिन विश्वविद्यालय में सिंडीकेट की सदस्य डॉ. पूर्णिमा नारायणन ने कहा कि विश्वविद्यालय ने छात्र संघ की ओर से दी गई एक याचिका पर कुलपति और विश्वविद्यालय सिंडीकेट की ओर से इसकी संस्तुति कर दी गई है। यह महिला छात्रों के प्रति विश्वविद्यालय की ओर से उठाया गया बहुत ही आवश्यक कदम और अनुसरण योग्य पहल है। उन्होंने कहा कि भविष्य में, अकादमिक दुनिया को किशोर छात्राओं के लिए मासिक धर्म की छुट्टी शुरू करने के बारे में सोचना होगा।
Kerala | Cochin University of Science and Technology sanctions an additional 2% of condonation of shortage of attendance to female students in each semester. This is by considering the requests for menstruation benefits to female students. pic.twitter.com/FaV0RZysHI
— ANI (@ANI) January 14, 2023
महात्मा गांधी विश्वविद्यालय में छात्राओं के लिए मातृत्व अवकाश भी
पिछले महीने ही केरल में महात्मा गांधी विश्वविद्यालय ने अपने पाठ्यक्रम के दौरान डिग्री और स्नातकोत्तर छात्राओं के लिए 60 दिनों का मातृत्व अवकाश देने का फैसला किया था। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में भी मातृत्व लाभ कानून 1961 की धारा 14 का अनुपालना सुनिश्चित करने की मांग के लिए एक याचिका दायर की गई है। वहीं, माहवारी के दौरान शुरुआती तीन दिन के लिए अवकाश देने के नियम की भी मांग की गई है।
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