Ghost Writers: पैसे मिलते हैं लेकिन नाम नहीं, जानिए कैसी होती है घोस्ट राइटर्स की नौकरी
घोस्ट राइटर्स को उसकी कहानियों पर पैसा तो ठीक-ठाक मिल जाता है, लेकिन नाम नहीं मिल पाता है। हालांकि ये राइटर्स बाद में अपनी ही कहानियों पर दावा नहीं कर सकते हैं। आइए जानते हैं कौन होते हैं घोस्ट राइटर...
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जासूसी उपन्यासों को पढ़ने में जितना मजा आता है, उतना ही उसके लेखक के बारे में जानने की इच्छा होती है। जासूसी उपन्यास की तरह ही कई अन्य उपन्यासों में लेखक का नाम नहीं होता है। दरअसल इन लेखकों को घोस्ट राइटर्स के नाम से जाना जाता है। घोस्ट राइटर्स अपनी कहानियां एक काल्पनिक नाम से लिखता है। वह अपना असली नाम कभी नहीं बताता है।
घोस्ट राइटर्स को उसकी कहानियों पर पैसा तो ठीक-ठाक मिल जाता है, लेकिन नाम नहीं मिल पाता है। हालांकि ये राइटर्स बाद में अपनी ही कहानियों पर दावा नहीं कर सकते हैं। ये राइटर्स ज्यादातर जासूसी, बाल और सामाजिक उपन्यास लिखते हैं। टीवी चैनलों और इंटरनेट की वजह से घोस्ट राइटर्स को बहुत नुकसान पहुंचा है।
घोस्ट राइटर्स के काम करने का कोई फिक्स टाइम नहीं होता है। वह अपनी मर्जी के मालिक होते हैं। घोस्ट राइटर्स अपना विषय खुद ही तय करते हैं। घोस्ट राइटर्स जहां से चाहें वहां से काम कर सकते हैं। एक घोस्ट राइटर बनने के लिए आत्मविश्वास की बहुत जरूरत होता है।
घोस्टराइटर्स बनने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरत पड़ती है। दरअसल, ज्यादातर कंपनियां लेखक को क्रेडिट देने में विश्वास रखती हैं। ऐसे में कंपनियां घोस्ट राइटर्स की हाइरिंग बहुत ही कम करती हैं। अधिकतर घोस्ट राइटर्स फ्रीलांस काम करते हैं। ऑनलाइन वेबसाइट से भी जाकर घोस्ट राइटर के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
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