Education Budget 2025: शिक्षा बजट में 6.65% का उछाल, इतने लाख करोड़ रुपये का हुआ आवंटन
Education Budget 2025: केंद्रीय बजट 2025 में शिक्षा के लिए 1,28,650.05 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष से 6.65 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में लगातार आठवां भारत बजट 2025 पेश किया।
विस्तार
Union Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज, 1 फरवरी को संसद में बतौर वित्त मंत्री रिकॉर्ड आठवां बजट पेश किया। केंद्रीय बजट 2025 में शिक्षा के लिए 1,28,650.05 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष से 6.65 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपए का आवंटन हुआ था। इसमें करीब 1.21 लाख करोड़ रुपये स्कूली और उच्च शिक्षा के लिए थे।
एआई की शिक्षा पर रहेगा फोकस
वित्त मंत्री ने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता की शिक्षा के लिए उत्कृष्ट संस्थान की संस्थापना की जाएगी। मेडिकल कॉलेजों में 10 हजार अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जाएंगी। सभी जिला अस्पतालों में डे केयर केंसर सेंटर बनाए जाएंगे। 2025-26 में ऐसे 200 सेंटर बनाए जाएंगे।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए भी योजना
सरकार उनके परिचय पत्र बनाने में मदद करेगी और उन्हें ई-श्रम कार्ड मुहैया कराएगी। इससे 1 करोड़ Gig वर्कर्स को फायदा मिलेगा।
भारतीय भाषा पुस्तक स्कीम
स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए डिजिटल किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। शिक्षा क्षेत्र के लिए निर्मला सीतारमण ने आईआईटी के विस्तार की योजना की घोषणा की है। इस संबंध में 5 आईआईटी के लिए अतिरिक्त बुनियादी ढांचा और 6,500 नई सीटें जोड़ी जाएंगी। वित्त मंत्री ने कहा कि आईआईटी पटना छात्रावास और बुनियादी ढांचा क्षमता बढ़ाएगा।
बिहार में खुलेगा नया संस्थान
बिहार में राष्ट्रीय फूड टेक्नोलॉजी संस्थान शुरू किया जाएगा। इससे पूरे पूर्वी क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण क्षमताएं मजबूत करने में मदद मिलेगी।
अटल टिंकरिंग लैब
सरकारी स्कूलों में नवाचार को बढ़ाने के लिए ऐसी 50 हजार लैब स्थापित किए जाएंगे। भारतीय भाषा पुस्तक योजना शुरू की जाएगी ताकि भारतीय भाषाओं में शिक्षण को बढ़ावा दिया जा सके।
वित्त मंत्री ने बताया कि स्किलिंग के लिए पांच राष्ट्रीय उत्कृष्ट संस्थानों का स्थापना की जाएगी। यह मेक फॉर इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड के उद्देश्य के तहत किया जाएगा।
आईआईटी, आईआईएससी के लिए 10,000 पीएम रिसर्च छात्रवृत्ति
निर्मला सीतारमण ने बताया कि केंद्र सरकार बढ़ी हुई वित्तीय सहायता के साथ आईआईटी और आईआईएससी बैंगलोर के छात्रों के लिए 10,000 पीएम रिसर्च फेलोशिप प्रदान करेगी। वैश्विक विशेषज्ञता के साथ कौशल विकास के लिए पांच राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
नौकरीपेशा लोगों के लिए 12 लाख तक आय करमुक्त कर दी गई है। 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं लगाया जाएगा।
विशेषज्ञों ने दी अपनी राय
बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी (BIMTECH) ग्रेटर नोएडा के निदेशक डॉ. प्रबिना राजीब ने कहा कि केंद्रीय बजट 2025 छह प्रमुख क्षेत्रों में परिवर्तनकारी सुधारों को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखता है, जिससे विकसित भारत की परिकल्पना साकार हो सके। यह बजट अटल इनक्यूबेशन सेंटर (AIC BIMTECH) के मिशन के अनुरूप है, जो भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को विकसित करने के लिए अभूतपूर्व समर्थन और संसाधन प्रदान कर रहा है। यह नवाचार को बढ़ावा देने, आर्थिक विकास को गति देने और सतत, समृद्ध स्टार्टअप समुदाय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ. पी. आर. सोडानी ने कहा कि कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए पांच राष्ट्रीय संस्थानों की स्थापना के साथ, केंद्रीय बजट युवाओं की रोजगार संभावनाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत के स्वास्थ्य प्रबंधन क्षेत्र के एक प्रमुख संस्थान के रूप में, हमारा मानना है कि शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के लिए उत्कृष्टता केंद्र की घोषणा, स्वास्थ्य प्रबंधन से जुड़े पेशेवरों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करने में मदद करेगी। यह पहल कौशल-आधारित शिक्षा, डिजिटल लर्निंग, माइक्रो-क्रेडेंशियलिंग और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी।
आइए जानते हैं कि पिछले 10 वर्षों में शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र को बजट में क्या-क्या मिला...
पिछले 10 वर्षों में शिक्षा और रोजगार को बजट से क्या मिला?
शिक्षा क्षेत्र में 2014 से बजट आवंटन में वृद्धि देखी गई है। अब तक, शिक्षा क्षेत्र को आवंटित सबसे अधिक बजट वर्ष 2024 में है। 2024-25 के लिए शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
- 2014 में शिक्षा बजट - कुल 82,771.10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिसमें से 68,728 करोड़ रुपये योजना व्यय थे। 2014 के बजट में प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों की कमी को दूर करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। पहली बार कौशल कार्यक्रम शुरू किए गए और वर्चुअल कक्षाओं के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए
- 2015 में शिक्षा बजट - 2015 में मंत्रालय को 69.074 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे और इसका फोकस उच्च शिक्षा, नए सरकारी संस्थान खोलने और नई सरकारी योजनाएं शुरू करने पर था।
- 2016 में शिक्षा बजट - 2016 के बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए 72,394 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जो 4.9 प्रतिशत की वृद्धि है। बजट में भारत को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा केंद्र के रूप में स्थापित करने और उच्च शिक्षा पर भी ध्यान केंद्रित किया गया
- 2017 में शिक्षा बजट - 2017 के बजट में 79,685.95 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जिसे बाद में संशोधित कर 81,868 करोड़ रुपये कर दिया गया। महत्वपूर्ण घोषणाओं में से एक राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी की स्थापना थी, जो नीट, जेईई मेन और यूजीसी नेट जैसी प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने के लिए एक स्वायत्त संगठन है।
- 2018 में शिक्षा बजट - स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के लिए कुल 1.38 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए, जिसमें से 83,010.29 करोड़ रुपए शिक्षा क्षेत्र को दिए गए। 2018 के बजट में विदेशी छात्रों को आकर्षित करने के लिए 'स्टडी इन इंडिया' कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
- 2019 में शिक्षा बजट - 2019 के बजट में 94,853.64 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जो 13.4 प्रतिशत की वृद्धि है। 2019 के बजट में खेल शिक्षा को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
- 2020 - शिक्षा क्षेत्र को 99,311.52 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।
- 2021-22 - 93,224.31 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 6 प्रतिशत की कमी है।
- 2022 - शिक्षा क्षेत्र को 1,04,277.72 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जो 2021 से काफी अधिक है। विभिन्न अन्य आवंटनों के अलावा शिक्षक प्रशिक्षण, केवीएस और एनवीएस पर ध्यान केंद्रित किया गया।
- 2023 में शिक्षा बजट - शिक्षा मंत्रालय को 1,12,899.47 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जो पिछले वर्ष से 13 प्रतिशत की वृद्धि है। 2023 के बजट का उद्देश्य अनुसंधान कार्यक्रम शुरू करना, अनुसंधान केंद्र स्थापित करना, नए नर्सिंग कॉलेज स्थापित करना है।
- 2024-25 - शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया।
यहां 2014 से 2024 तक शिक्षा बजट का विवरण एक सारणी में प्रस्तुत किया गया है:
| वर्ष | शिक्षा बजट (रुपये में) | विशेष घोषणाएँ/फोकस |
|---|---|---|
| 2014 | 82,771.10 करोड़ रुपये | शिक्षक प्रशिक्षण, कौशल कार्यक्रम, वर्चुअल कक्षाओं के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित |
| 2015 | 69,074 करोड़ रुपये | उच्च शिक्षा, नए सरकारी संस्थान, नई सरकारी योजनाएं |
| 2016 | 72,394 करोड़ रुपये | भारत को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा केंद्र बनाना, उच्च शिक्षा पर फोकस |
| 2017 | 79,685.95 करोड़ रुपये (संशोधित 81,868 करोड़ रुपये) | राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी की स्थापना |
| 2018 | 83,010.29 करोड़ रुपये | 'स्टडी इन इंडिया' कार्यक्रम, विदेशी छात्रों को आकर्षित करना |
| 2019 | 94,853.64 करोड़ रुपये | खेल शिक्षा को बढ़ावा देना |
| 2020 | 99,311.52 करोड़ रुपये | शिक्षा क्षेत्र को वृद्धि, कोविद-19 के कारण ऑनलाइन शिक्षा पर ध्यान केंद्रित |
| 2021-22 | 93,224.31 करोड़ रुपये | पिछले वर्ष की तुलना में 6% कमी |
| 2022 | 1,04,277.72 करोड़ रुपये | शिक्षक प्रशिक्षण, केवीएस, एनवीएस पर ध्यान |
| 2023 | 1,12,899.47 करोड़ रुपये | अनुसंधान कार्यक्रम, अनुसंधान केंद्र, नर्सिंग कॉलेज |
| 2024 | 1.48 लाख करोड़ रुपये | शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए सबसे अधिक बजट आवंटन |
PM Vidhya Lakshmi Scheme: पीएम विद्यालक्ष्मी योजना: छात्र लोन का समर्थन
2024 के केंद्रीय बजट में उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक के लोन पर वित्तीय सहायता देने की घोषणा की गई थी। इस योजना के तहत छात्रों को बिना गारंटर के एजुकेशन लोन मिलेगा और किसी संपत्ति को गिरवी रखने की आवश्यकता नहीं होगी। इसे लागू करने के लिए एक नया पोर्टल भी तैयार किया गया है, और इस योजना से लगभग 22 लाख छात्र हर साल लाभान्वित हो सकते हैं।
ONOS Scheme: वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन: शोध और नवाचार को बढ़ावा
शोध और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नवंबर 2024 में 'वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन' (ONOS) योजना की शुरुआत की घोषणा की। इस योजना का उद्देश्य देशभर के सरकारी उच्च शिक्षा संस्थानों के 1.8 करोड़ छात्रों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों को एक साथ जोड़ना है। इस पहल के लिए 6000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
शिक्षा के सस्ते होने की उम्मीद
कई छात्र सोशल मीडिया पर बजट से जुड़ी अपनी उम्मीदें जाहिर कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस बजट में शिक्षा को सस्ता बनाने के लिए खास कदम उठाए जाएं, ताकि वे बिना किसी आर्थिक दबाव के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।
शिक्षा के लिए बजट आवंटन में वृद्धि
हालांकि पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा के बजट में वृद्धि हुई है, लेकिन डिजिटल युग और रोजगार क्षेत्र की नई जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवंटन में और वृद्धि की आवश्यकता महसूस हो रही है। उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा का प्रावधान न सिर्फ व्यक्तिगत विकास के लिए, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति के लिए भी जरूरी है।
डिजिटलीकरण पर जोर
2025 के बजट में शिक्षा के डिजिटलीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है, खासकर महामारी के बाद ऑनलाइन शिक्षा की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए। इस बार की योजना में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) को और प्रभावी बनाने के लिए कुछ कदम उठाए जा सकते हैं।
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