NEP: छठी से शुरू होगी वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई, प्रधान बोले- उच्च शिक्षा नियामक बनाएं स्किल फ्रेमवर्क
केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को कहा कि एनसीईआरटी, एआईसीटीई, यूजीसी और एनसीवीईटी को मिलकर भविष्य का कौशल फ्रेमवर्क तैयार करना होगा।
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केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को कहा कि एनसीईआरटी, एआईसीटीई, यूजीसी और एनसीवीईटी को मिलकर भविष्य का कौशल फ्रेमवर्क तैयार करना होगा। स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा में विषय के बराबर वोकेशनल कोर्स को भी मान्यता मिलेगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के तहत छठी कक्षा से अब छात्रों को वोकेशनल कोर्स की भी पढ़ाई करनी होगी। भुवनेश्वर में जी-20 की तीसरी कार्यसमूह बैठक से पहले मंगलवार को भारत और सिंगापुर के शिक्षा व कौशल विभाग की वर्कशॉप हुई।
इसमें स्कूली शिक्षा में वोकेशनल कोर्स और पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए सिंगापुर के स्कूली शिक्षा के स्किल मॉडल की जानकारी ली गई। केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास मंत्री ने कहा, सिंगापुर मॉडल के तहत स्कूलों के लिए कौशल विकास पाठ्यक्रम तैयार करने के साथ भविष्य में भी भारतीय कौशल में बदलाव पर काम होगा।
राज्यों को बदलाव की मिलेगी आजादी
स्कूली शिक्षा सचिव संजय कुमार ने बताया कि स्कूली शिक्षा विभाग और एनसीईआरटी राज्यों के शिक्षा विभाग के साथ मिलकर इस पर काम करेंगे। केंद्र सरकार स्कूली शिक्षा में कौशल विकास का पाठ्यक्रम और कोर्स तैयार करके देगी। राज्य इसमें अपनी मांग के आधार पर बदलाव कर सकते हैं। राज्यों को आजादी मिलेगी कि वे नया कोर्स जोड़ सकें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्कूली शिक्षा का नया पाठ्यक्रम और नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क इसी साल के अंत तक आ जाएगा।
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