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भारत में बढ़ी मेडिकल यूनिवर्सिटी फीस से विदेश में शिक्षा का विकल्प चुन रहे छात्र

Mon, 09 Sep 2024 11:17 AM IST
Pushpendra Mishra Media Solution Initiative
Media Solution Initiative Published by: Pushpendra Mishra Updated Mon, 09 Sep 2024 11:17 AM IST
सार

कई राज्यों की यूनिवर्सिटीज में छात्रों को एमबीबीएस के लिए 1 करोड़ से ज्यादा रुपया खर्च करना पड़ रहा है।

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Due to increased medical university fees in India, students are forced to study abroad-safalta
Study Mbbs Abroad - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

भारत में डॉक्टर बनने के लिए हर वर्ष 23-24 लाख छात्र नीट यूजी परीक्षा में बैठते हैं। इस परीक्षा में सफल होने वाले छात्रों को शिक्षा मंत्रालय की मेडिकल काउंसिलिंग कमेटी(MCC) द्वारा आयोजित अखिल भारतीय काउंसिलिंग प्रक्रिया में शामिल होना होता है। अखिल भारतीय काउंसिलिंग के 15 प्रतिशत सीट कोटे में दाखिला नहीं मिलने पर छात्र राज्यों की 85 प्रतिशत सीट कोटे वाली स्टेट लेवल काउंसिलिंग में हिस्सा लेते हैं। मौजूदा समय में ये दोनों ही काउंसिलिंग प्रक्रियाएं चल रही हैं। अब अगर आपको सरकारी कॉलेज न मिलने पर किसी डीम्ड यूनिवर्सिटी में दाखिला लेना है। एमबीबीएस और बीडीएस दोनों ही कोर्स में डीम्ड यूनिवर्सिटीज की फीस काफी ज्यादा है। एमबीबीएस की 6 साल की पढ़ाई का खर्चा 1 करोड़ से अधिक हो जाता है। ऐसे में कई अभिभावक भारत सरकार से निजी कॉलेजों की बेतरतीब बढ़ती फीस पर रोक लगाने के लिए कोई नियम बनाने की बात कर रहे हैं। इसी कारण भारत में सरकारी कॉलेज में एमबीबीएस सीट नहीं पाने पर युवा विदेश से एमबीबीएस का विकल्प चुन रहा है।

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उदाहरण के लिए केवल एक राज्य महाराष्ट्र को ले लेते हैं, यहां तकरीबन 14 बड़ी यूनिवर्सिटीज हैं। जिनमें प्रतिवर्ष एमबीबीएस का खर्च 20 लाख रुपये है। यानी 6 वर्ष के लिए 1.20 करोड़ रुपये। इस वर्ष भी डीम्ड यूनिवर्सिटीज ने 1 से 2 लाख रुपये प्रति वर्ष की बढ़ोत्तरी की है। मतलब अगर आप महाराष्ट्र में रहते हैं और आपको डॉक्टर बनना है आपकी रैंक के अनुसार आपको एमसीसी काउंसिलिंग में सरकारी कॉलेज में सीट नहीं मिली। राज्य कोटे में भी आपको सेंट्र्ल यूनिवर्सिटीज का सरकारी कॉलेज नहीं मिल सका। ऐसे में अब आपके पास विकल्प होगा डीम्ड यूनिवर्सिटीज में दाखिला कराने का। जहां प्रतिवर्ष फीस 20 से 27 लाख रुपये है। ऐसे में जिन अभिभावकों के पास इतनी रकम नहीं है वह विदेश से एमबीबीएस के विकल्प के बारे में सोचते हैं। जहां से उनका बच्चा पूरी एमबीबीएस की पढ़ाई 20 से 25 लाख रुपये में खत्म करके वापस इंडिया आ सकता है।

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क्योंकि भारत में एमबीबीएस की सीट की डिमांड ज्यादा है और सीटों की संख्या कम है। इसलिए नीट में सफल होने वाले केवल 25 प्रतिशत छात्र ही भारत में काउंसिलिंग में भाग लेकर एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस, बीएससी नर्सिंग आदि में दाखिला करा पाते हैं। बाकी 75 प्रतिशत सफल छात्रों को दाखिले के लिए भारत के निजी कॉलेज या विदेश से एमबीबीएस ही एकमात्र विकल्प बचता है।  

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इस वर्ष नीट क्वालीफाई करने वाले छात्रों की बात करें तो वो है करीब 13 लाख और कुल एमबीबीएस सीट हैं 1 लाख 12 हजार के आसपास। अब आप स्वयं अनुमान लगा सकते हैं कि 10 लाख छात्रों के पास विकल्प में दोबारा से नीट परीक्षा देना, एक साल बर्बाद करना या फिर विदेश से एमबीबीएस ही बचता है।

 

विदेश में आवेदन कहां करें
 

वैसे से चीन, बांग्लादेश, नेपाल, रूस, जॉर्जिया, यूएस और कजाकिस्तान कहीं भी आवेदन दिया जा सकता था। लेकिन भारत में सुप्रीम कोर्ट में चले नीट प्रकरण के कारण यहां नीट रिजल्ट आने में देरी हो गई और विदेश के कई देश जून-जुलाई में अपनी एमबीबीएस सीटें भर चुके हैं। अब केवल कजाकिस्तान में दाखिला प्रक्रिया जारी है। बाकी रूस, जॉर्जिया बगैरह में दाखिला प्रक्रिया खत्म हो चुकी है।

 

कजाकिस्तान में बेहतरीन यूनिवर्सिटी कौन सी है
 

कजाकिस्तान में वैसे तो टॉप 10 यूनिवर्सिटी बेहतर हैं जहां भारत के 9000 से अधिक छात्र मौजूदा समय में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। यहां के सरकारी यूनिवर्सिटी की बात करें तो कोक्शेताउ स्टेट यूनिवर्सिटी यहां की सबसे बेस्ट यूनिवर्सिटी है। जहां 20 से 25 लाख रुपये में आप पूरी एमबीबीएस की पढ़ाई कर सकते हैं।

 

 

कोक्शेताउ यूनिवर्सिटी के बारे में

62 वर्षों का इतिहास समेटे कजाकिस्तान की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल यूनिवर्सिटी कोक्शेताउ भारतीय छात्रों के बीच खासी लोकप्रिय है। वर्तमान समय में 1000 से अधिक भारतीय छात्र इस यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली व हरियाणा से यहां पढ़ाई कर रहे छात्रों को MBBS प्रोग्राम के हिस्से के रूप में एनएमसी के अनुसार सभी 19 विषयों में NExT की फ्री कोचिंग मिलती है। क्योंकि एमबीबीएस की डिग्री के बाद भारत में डॉक्टरी प्रैक्टिस के लिए NExT एग्जाम में सफल होना बहुत जरूरी है। NExT एग्जाम के लिए 100% स्कॉलरशिप के कारण भी इस यूनिवर्सिटी को बहुत से भारतीय छात्र चुनते हैं।

 

यहां दाखिला लेने के फायदे

  • WHO द्वारा मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी
  • MBBS के लिए सबसे कम फीस
  • Neet स्कोर कम है तो भी मिलेगा एडमिशन
  • NExT नि:शुल्क कोचिंग का अवसर
  • कजाकिस्तान के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने का मौका

 

दाखिला संबंधित सूचना  

बीते 12 वर्षों से एमबीबीएस एब्रॉड में काम कर रहे Moksh ने अब तक 5000 से अधिक छात्रों के विदेश के टॉप रैंक कॉलेजों में MBBS में दाखिला दिलाया है। कजाकिस्तान में 30 सितम्बर तक दाखिला प्रक्रिया जारी रहेगी। जिसके लिए आपको अभी आवेदन करना होगा। क्योंकि आपकी आवेदन प्रक्रिया, वीजा संबंधी दस्तावेजीकरण, कजाकिस्तान में हॉस्टल, मेस सुविधा से लेकर स्कॉलरशिप तक अरेंज करने में 1 माह का समय लग जाता है। अगर आप आवेदन करने जा रहे हैं तो SAFALTA Moksh काउंसलर की मदद लें। जो दाखिला प्रक्रिया, वीजा, टिकट, पासपोर्ट समेत हर काम में आपकी पूरी सहायता करेंगे। इसके लिए आप टोल फ्री नंबर 18005710202  पर कॉल कर सकते हैं। 

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