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Hindi News ›   Education ›   du admission process 2019: No other way than entrance

DU में एडमिशन के लिए एंट्रेंस के अलावा दूसरा कोई तरीका नहीं, 2 साल पहले शुरू हुई ये प्रक्रिया

Sun, 30 Jun 2019 11:45 AM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Garima Garg Updated Sun, 30 Jun 2019 11:45 AM IST
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du admission process 2019: No other way than entrance

दिल्ली विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2019-20 में दाखिले के लिए कॉलेजों के पास सौ फीसदी अंक वाले छात्र बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। इस स्थिति में कॉलेज दबी जुबां से स्वीकार तो कर रहे हैं, लेकिन अब डीयू में दाखिले के लिए एंट्रेंस कराने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। कॉलेज की चिंता इस बात को लेकर भी है कि यदि सभी सौ फीसदी वाले पाठ्यक्रमों को भर देंगे तो 99 फीसदी से कम अंक वालों को कहां दाखिला मिलेगा। यदि अगले साल भी यही परिस्थितियां रही तो छात्रों को कहां दाखिल देंगे।

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हिंदू व रामजस समेत कुछ नामी कॉलेजों में इस बार सौ फीसदी अंक वाले छात्रों ने दाखिला लिया है। मुख्य रूप से राजनीति शास्त्र, अंग्रेजी-ऑनर्स, फिजिक्स-ऑनर्स, बीए प्रोग्राम में तो 2 दिन में ही 100 से 99 फीसदी अंक वाले छात्रों ने दाखिला ले लिया है। रामजस कॉलेज के  प्रिंसिपल डॉ मनोज खन्ना का कहना है कि दाखिले में जिस तरह का ट्रेंड बन रहा है उससे स्थितियां एंट्रेंस टेस्ट की ओर ही इशारा करती हैं। एंट्रेंस से दाखिले के अलावा कोई विकल्प नहीं दिखाई दे रहा है। अभी तक डीयू में मेरिट के आधार पर दाखिला होता है। 
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उन्होंने कहा कि हर कॉलेज व्यावहारिक तरीके से कट ऑफ निकालता है, लेकिन जिस तरह से छात्र सौ फीसदी अंक लेकर आ रहे हैं तो कट ऑफ कैसे तैयार की जाए। तेलंगाना, तमिलनाडु व केरल बोर्ड से बड़ी संख्या में छात्र डीयू आते हैं, जिनके सौ फीसदी अंक होते हैं, उन्हें दाखिले से मना नहीं किया जा सकता। ऐसे में नंबरों की होड़ सी लगी रहती है। 
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एक अन्य कॉलेज के प्रिंसिपल ने बताया कि जिस तरह से 12वीं में अंक मिल रहे हैं, उससे आने वाले वर्षों में नॉर्थ कैंपस, साउथ कैंपस व आउट ऑफ कैंपस कॉलेज के बीच का अंतर खत्म हो जाएगा। उनका मानना है कि प्रवेश परीक्षा से दाखिले पर विचार करना ही पड़ेगा। मालूम हो कि 2 साल पहले भी डीयू में एंट्रेंस से दाखिले पर विचार शुरू हुआ था, लेकिन उस समय विरोध हो गया था।

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