AI: देश के पहले तीन एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस लॉन्च; कैंसर, हृदय रोग व खाद्य सुरक्षा का करेंगे समाधान
AI Centre: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्वास्थ्य सेवा, कृषि और संधारणीय शहरों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) केंद्रों का शुभारंभ किया है। उन्होंने सीओई के शुभारंभ पर हितधारकों और प्रतिभागियों को बधाई दी।
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Dharmendra Pradhan: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज देश के पहले तीन एआई उत्कृष्टता केंद्रों का शुभारंभ किया। स्वास्थ्य सेवा, कृषि और संधारणीय शहरों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) केंद्रों का शुभारंभ करते हुए मंत्री ने कहा कि ये तीन उत्कृष्टता केंद्र देश के आम युवाओं को अरबपति बनने का सपना देखने के लिए प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि ये केंद्र अफ्रीकी देशों में सार्वजनिक नीति और पोषण चुनौतियों के लिए समाधान देने वाले साबित होंगे। उन्होंने सीओई के शुभारंभ पर हितधारकों और प्रतिभागियों को बधाई दी।
आईआईटी दिल्ली और एम्स दिल्ली के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवा पर एआई उत्कृष्टता केंद्र का उद्देश्य प्रारंभिक रोग की भविष्यवाणी, निदान और महामारी ट्रैकिंग पर ध्यान केंद्रित करना है। यह आयुष दवाओं सहित स्वास्थ्य सेवा के लिए परीक्षणों और डेटा संग्रह सपोर्ट करेगा, जबकि वहनीयता, गुणवत्ता और पहुंच से संबंधित चुनौतियों का समाधान करेगा।
आईआईटी रोपड़ के नेतृत्व में कृषि पर केंद्र का उद्देश्य फसल की पैदावार, मौसम और स्थानीय परिस्थितियों पर डेटा का लाभ उठाकर खेती के तरीकों को बदलना है। पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक अंतर्दृष्टि के साथ एकीकृत करके, यह बुवाई, कटाई और फसल स्वास्थ्य पर एआई-संचालित, वास्तविक समय मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
आईआईटी कानपुर के नेतृत्व में संधारणीय शहरों पर केंद्र स्मार्ट सिटी नियोजन, यातायात प्रबंधन और कुशल संसाधन वितरण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का लाभ उठाएगा। सेंसर, जीआईएस मानचित्रों और उपग्रह फ़ीड से डेटा को एकीकृत करके, यह संसाधन की जरूरतों का अनुमान लगाएगा और सार्वजनिक स्थान के डिजाइन को बेहतर बनाएगा।
प्रधान ने देश के उच्च शिक्षा संस्थानों की सराहना करते हुए कहा कि चाहे वे केंद्रीय हों, राज्य हों या परोपकारी संगठन हों, प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। मंत्री ने कहा, "तीन केंद्र एक नए प्रकार के स्टार्टअप इकोसिस्टम का निर्माण करेंगे, जो आम युवाओं को अरबपति बनने का सपना देखने के लिए प्रेरित करेगा।"
3 एआई उत्कृष्टता केंद्र
"विकसित भारत" के विजन को साकार करने के लिए, एआई के लिए इन तीन सीओई का नेतृत्व शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों द्वारा किया जाएगा, जो उद्योग भागीदारों और स्टार्टअप के साथ मिलकर काम करेंगे। इस पहल का उद्देश्य एक प्रभावी एआई पारिस्थितिकी तंत्र को सक्रिय करना और इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधनों का पोषण करना है।
"भारत में एआई बनाएं और भारत के लिए एआई को काम में लाएं" के दृष्टिकोण के तहत, इन केंद्रों की स्थापना की घोषणा केंद्रीय बजट 2023 के तहत की गई थी। इसके अनुरूप, केंद्र सरकार ने 990 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ तीन एआई सीओई के निर्माण को मंजूरी दी है।
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