DU SOL Admission: दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग यूजी-पीजी कोर्स में प्रवेश प्रक्रिया शुरू
DU SOL Admission: दिल्ली विश्वविद्यालय ने सोमवार को स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में छह नए पाठ्यक्रम शुरू किए, जिसका उद्देश्य रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम प्रदान करना है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
DU SOL Admission: दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया बुधवार 05 अक्तूबर, 2022 से शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी की गई अधिसूचना में, बताया गया है कि एसओएल में यूजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश केवल कक्षा 12 के परिणामों के आधार पर होगा। यह दिल्ली विश्वविद्यालय के अंतर्गत आवे वाले कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया के विपरीत है, जहां इस शैक्षणिक सत्र से शुरू होने वाले प्रवेश सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) के माध्यम से आयोजित किए जा रहे हैं। एसओएल में प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर होगी।
बीते साल इतने प्रवेश हुए
एसओएल देश में दूरस्थ शिक्षा के लिए सबसे अधिक मांग वाले संस्थानों में से एक है। यह छात्रों को विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रम प्रदान करता है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले शैक्षणिक वर्ष, 2021-2022 में, लगभग पांच लाख छात्रों ने विभिन्न विषयों में प्रवेश लिया था।
ओपन लर्निंग डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना
शैक्षणिक सत्र 2022-23 से एसओएल में सभी यूजी और पीजी प्रवेश दूरस्थ एवं सतत शिक्षा विभाग में होंगे। यूनिवर्सिटी ने कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग / स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के तत्वावधान में दूरस्थ और सतत शिक्षा विभाग, ओपन लर्निंग फैकल्टी और ओपन लर्निंग डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना की है। विभाग ने एनईपी - 2022 के तहत अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क 2022 को भी अपनाया है। यह कला, मानविकी और वाणिज्य में पाठ्यक्रम प्रदान करता है और स्नातक (यूजीसीएफ 2022) के साथ-साथ स्नातकोत्तर स्तरों पर अध्ययन की प्रबंधन योग्यता और स्ट्रीम प्रदान करता है।
छह नए पाठ्यक्रम शुरू
इसके अलावा, दिल्ली विश्वविद्यालय ने सोमवार को स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में छह नए पाठ्यक्रम शुरू किए, जिसका उद्देश्य रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम प्रदान करना है। ये छह नए पाठ्यक्रम मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (वित्तीय निवेश विश्लेषण), बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, बैचलर ऑफ आर्ट्स-अर्थशास्त्र (ऑनर्स), बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंसेज, और मास्टर्स ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंसेज हैं। प्रॉस्पेक्टस के अनुसार इस शैक्षणिक सत्र से, स्नातक की डिग्री तीन या चार साल की होगी, इस अवधि के भीतर एग्जिट के विकल्प भी दी जाएगी।
कमेंट
कमेंट X