प्रवेश प्रक्रिया: जेएनयू, जामिया, डीयू में कैसे होगा दाखिला, अधिकारियों ने क्या कहा? जानिए सबकुछ
सीबीएसई द्वारा कक्षा 12 बोर्ड के लिए वैकल्पिक मूल्यांकन मानदंड की घोषणा के बाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीयूसीईटी) पर फैसला लिया जा सकता है।
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केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न परिस्थितियों और विभिन्न हितधारकों से प्राप्त प्रतिक्रिया को मद्देनजर रखते हुए सीबीएसई की कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा को इस साल रद्द करने का निर्णय लिया है। ऐसे में अभिभावक और विद्यार्थी महाविद्यालयों में प्रवेश लेने में आने वाली विभिन्न बाधाओं को लेकर चिंतित हैं।
गौरतलब है कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीयूसीईटी) आयोजित करने का प्रस्ताव है। हालांकि मंत्रालय ने अभी तक सीयूसीईटी पर फैसला नहीं किया है। संभावना जताई जा रही है कि सीबीएसई द्वारा कक्षा 12 बोर्ड के लिए वैकल्पिक मूल्यांकन मानदंड की घोषणा के बाद इस संबंध में निर्णय लिया जा सकता है। ऐसे में यहां जानिए जेएनयू, डीयू, अंबेडकर विश्वविद्यालय, जामिया मिलिया इस्लामिया, आईपी विश्वविद्यालय और अन्य विश्वविद्यालयों के प्रशासन का प्रवेश प्रक्रिया के बारे में क्या कहना है। पढ़िए...
जेएनयू
जेएनयू के कुलपति ममीडाला जगदीश कुमार ने कहा कि ज्यादातर उच्च शिक्षण संस्थानों (एचईआई) जैसे जेएनयू में, स्नातक कार्यक्रमों में प्रवेश एक प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होता है। इसलिए स्थिति अनुकूल होने पर प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। यदि महामारी की स्थिति के कारण प्रवेश प्रक्रिया में देरी होती है, तो विश्वविद्यालय अकादमिक की गुणवत्ता से समझौता किए बिना, अपने शैक्षणिक कैलेंडर को निश्चित रूप से समायोजित करेगा। जहां स्नातक प्रवेश 12 वीं कक्षा के अंकों पर आधारित है, विश्वविद्यालय प्रवेश के लिए उचित प्रक्रिया तैयार कर सकते हैं, जो निष्पक्ष और पारदर्शी हैं। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी इस लिंक पर क्लिक कर 2021-22 सत्र के लिए जारी पॉस्पेक्ट्स पढ़ सकते हैं।
जामिया मिलिया इस्लामिया
जामिया के मीडिया समन्वयक और जनसंपर्क अधिकारी अहमद अजीम कहते हैं कि विभिन्न पाठ्यक्रमों में परीक्षा के परिणामों के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। सीबीएसई मूल्यांकन मानदंड के तहत, अंक प्रदान किए जाएंगे। यदि कोई छात्र सीबीएसई मूल्यांकन के बाद पात्रता मानदंडों को पूरा करता है, तो वे प्रवेश परीक्षा दे सकेंगे।
आईपी विश्वविद्यालय
आईपी विश्वविद्यालय के कुलपति महेश वर्मा ने कहा कि बोर्ड परीक्षा रद्द होने से प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी क्योंकि प्रवेश ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) के माध्यम से किए जाते हैं। एडमिशन के लिए केवल छात्रों को अपनी परीक्षा उत्तीर्ण करने की आवश्यकता है। यह उन्हें प्रवेश परीक्षा के लिए योग्य बनाएगा। बता दें कि पिछले साल से ही आईपी विश्वविद्यालय द्वारा प्रवेश परीक्षा का आयोजन ऑनलाइन किया जा रहा है।
अम्बेडकर विश्वविद्यालय
अंबेडकर विश्वविद्यालय का कहना है कि सरकार द्वारा समय पर और स्वागत योग्य निर्णय लिया गया है। इससे विश्वविद्यालय को समय पर प्रवेश प्रक्रिया को पूरा करने और अगले शैक्षणिक सत्र को समय पर शुरू करने में मदद मिलेगी। बता दें कि हर साल की तरह इस बार भी स्नातक कार्यक्रमों में प्रवेश की मेरिट के आधार पर दिया जाएगा।
दिल्ली विश्वविद्यालय
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के कार्यवाहक कुलपति पीसी जोशी ने कहा कि स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश, बारहवीं कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर दिया जाएगा। संभवत: 15 जुलाई से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। हालांकि सेंट्रल यूनिवर्सिटीज कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CUCET) एक अच्छा तरीका हो सकता है क्योंकि यह अखिल भारतीय योग्यता पर आधारित होगा। इसलिए भविष्य में इसके लागू होने की संभावना है।
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