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Hindi News ›   Education ›   Decline in school education: 37 lakh less enrollment, students dropped out at secondary level; report reveals

स्कूली शिक्षा में गिरावट: 37 लाख नामांकन कम, माध्यमिक स्तर पर छात्रों ने छोड़ी पढ़ाई; रिपोर्ट में खुलासा

Tue, 31 Dec 2024 09:46 AM IST
शिवम गर्ग अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: शिवम गर्ग Updated Tue, 31 Dec 2024 09:46 AM IST
सार

School Education: शिक्षा मंत्रालय की यू-डीआईएसई प्लस रिपोर्ट 2023-24 का बड़ा खुलासा हुआ है। देशभर में स्कूली शिक्षा के नामांकन में 37 लाख से अधिक की गिरावट आई है। सबसे अधिक असर माध्यमिक स्तर पर पड़ा है। यह गिरावट एससी, एसटी, ओबीसी और लड़कियों के वर्ग में सबसे अधिक है। 

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Decline in school education: 37 lakh less enrollment, students dropped out at secondary level; report reveals
School Education Report - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

School Education: देशभर में स्कूली शिक्षा के नामांकन में 37 लाख से अधिक की गिरावट आई है। यह गिरावट एससी, एसटी, ओबीसी और लड़कियों के वर्ग में सबसे अधिक है। वर्ष 2022-23 की तुलना में वर्ष 2023-24 में स्कूली शिक्षा की विभिन्न श्रेणियों में यह गिरावट दर्ज की गई है।
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माध्यमिक के तहत कक्षा नौंवी से 12वीं में यह गिरावट 17 लाख से अधिक है। हालांकि प्री-प्राइमरी के नामांकन में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शिक्षा मंत्रालय की एकीकृत जिला शिक्षा सूचना प्रणाली (यू-डीआईएसई प्लस) की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। इसके मुताबिक, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में छात्र नामांकन में 37.45 लाख की गिरावट आई है।
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माध्यमिक स्तर सबसे अधिक प्रभावित

वर्ष 2023-24 में सकल नामांकन 24.80 करोड़ था। इससे पहले वर्ष 2022-23 में 25.17 करोड़ तो वर्ष 2021-22 में करीब 26.52 करोड़ था। इस प्रकार वर्ष 2022-23 की तुलना में वर्ष 2023-24 में इस आंकड़े में 37.45 लाख की कमी दर्ज की गई है। हालांकि प्रतिशत में यह आंकड़ा सिर्फ 1.5 फीसदी है। वर्ष 2023-24 में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्रों के कुल नामांकन में 25 लाख की गिरावट आई है।

अनुसूचित जाति श्रेणी में 2022-23 की तुलना में स्कूलों में 12 लाख कम छात्र नामांकित हैं। सबसे तीव्र गिरावट माध्यमिक स्तर पर है। यहां करीब 17 लाख छात्र कम हुए हैं। जबकि प्रारंभिक चरण में कक्षा दूसरी से 5वीं तक में 7 लाख तो मध्य चरण यानी कक्षा छठीं से आठवीं तक में यह गिरावट तीन लाख से अधिक है।

प्री-प्राइमरी में करीब 29 लाख की बढ़त

प्री-प्राइमरी स्कूलों में छात्र नामांकन में करीब 29 लाख की बढ़त है। वर्ष 2022-23 में यह आंकड़ा 1.01 करोड़ था, जो वर्ष 2023-24 में 1.30 करोड़ पार कर गया है।
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स्कूलों की संख्या 5,782 बढ़ी 

स्कूलों की संख्या 2022-23 में 14.66 लाख थी, जो 5782 की बढ़ोतरी के साथ 2023-24 में 14.71 लाख हो गई है। हालांकि, यह संख्या वर्ष 2021-22 में 14.89 लाख और वर्ष 2020-21 में 15.09 लाख थी। स्कूलों की संख्या में गिरावट के कई कारण हैं जिनमें विभिन्न राज्यों में निजी और सरकारी स्कूलों को बंद करना शामिल है।
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