#Corona effect: आईआईटी,एनआईटी व आईआईआईटी में नहीं बढ़ेगी फीस
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सरकार ने आईआईटी, एनआईटी व आईआईआईटी के छात्रों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने इन संस्थानों में ट्यूशन फीस नहीं बढ़ाने का फैसला लिया है। अधिकारी के मुताबिक हर साल ट्यूशन फीस में करीब दस फीसदी तक वृद्धि होती है। आईआईटी व एनआईटी में तो ज्यादा फीस नहीं है, लेकिन आईआईआईटी में प्रति सेमेस्टर लाखों रुपये फीस है।
यह फैसला, बीटेक, एमटेक और पीएचडी प्रोग्राम पर लागू होगा। इसके साथ ही मानव संसाधन विकास मंत्रालय हॉस्टल फीस भी नहीं बढ़ाने पर बात करेगा।
हालांकि आईआईआईटी में फीस और ट्यूशन फीस प्रति सेमेस्टर लाखों रुपये है। आईआईआईटी हर साल करीब दस फीसदी तक ट्यूशन फीस बढ़ाते हैं। इसके चलते टयूशन फीस की रकम अधिक हो जाती है। इसीलिए सरकार की ओर से आईआईटी, एनआईटी और आईआईआईटी काउंसिल से बात की गई।
सरकार की इसी अपील पर काउंसिल ने टयूशन फीस न बढ़ाने का फैसला लिया है। यह फैसला, बीटेक, एमटेक और पीएचडी प्रोग्राम पर लागू होगा। वहीं, आईआईटी काउंसिल ने एमटेक फीस में कोई फीस न बढ़ाने का भी फैसला लिया है।
हॉस्टल फीस पर भी फैसला जल्द:
वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, टयूशन फीस न बढ़ाने पर फैसला हो चुका है। मंत्रालय हॉस्टल फीस न बढ़ाने की भी काउंसिल से बात करेगा। क्योंकि हॉस्टल फीस न बढ़ाने का फैसला सभी आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी अपने स्तर पर अलग-अलग लेता है।
इसलिए हॉस्टल के मुद्दे पर अलग-अलग आईआईटी, एनआईटी और आईआईआईटी प्रबंधन से बात की जाएगी। आईआईटी और एनआईटी तो सीधे सरकार के अधीन है, लेकिन आईआईआईटी में सरकारी और पीपी मोड में चलते हैं। इसलिए यह सीधे उनका अपना अधिकार है।
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