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महाराष्ट्र के प्राथमिक विद्यालयों के लिए अनिवार्य, अब पढ़ाई जाएगी ये नई भाषा
Wed, 13 May 2020 09:15 AM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Wed, 13 May 2020 09:15 AM IST
सार
- महाराष्ट्र के स्कूलों में मराठी भाषा एक अनिवार्य विषय
- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लिया गया फैसला
- पहली से छठी तक के छात्रों के लिए तैयार हो रहा है नया सिलेबस
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विस्तार
कक्षा पहली से छठीं के लिए शैक्षणिक वर्ष 2020-21 से सभी महाराष्ट्र के स्कूलों में मराठी भाषा एक अनिवार्य विषय बन जाएगी। बता दें कि स्कूल का माध्यम एग्लिश, हिंदी या मराठी कोई भी हो सकता है, जहां यह नियम लागू होगा। महाराष्ट्र सरकार द्वारा कल इस संबंध में आदेश दिए गए हैं।
राज्य के मराठी भाषा मंत्री सुभाष देसाई और दर्शन गायकवाड़, राज्य के शिक्षा मंत्री ने राज्य भर के प्राथमिक विद्यालयों में मराठी को अनिवार्य विषय बनाने के लिए एक बैठक की है। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई थी और इसमें महाराष्ट्र के शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे। बैठक में मराठी भाषा विभाग के अधिकारी और बाल भारती तथा मराठी आयोग के अध्यक्ष भी उपस्थित थे।
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देसाई के निर्देश-
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राज्य के मराठी भाषा मंत्री सुभाष देसाई और दर्शन गायकवाड़, राज्य के शिक्षा मंत्री ने राज्य भर के प्राथमिक विद्यालयों में मराठी को अनिवार्य विषय बनाने के लिए एक बैठक की है। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई थी और इसमें महाराष्ट्र के शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे। बैठक में मराठी भाषा विभाग के अधिकारी और बाल भारती तथा मराठी आयोग के अध्यक्ष भी उपस्थित थे।
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देसाई के निर्देश-
- अगले शैक्षणिक सत्र को अनिवार्य विषय के रूप में मराठी के नियम को लागू किया जाना चाहिए।
- अगले सत्र की शुरुआत से पहले भाषा के सिलेबस की योजना बनाई जानी चाहिए।
- स्कूलों को जल्द से जल्द कक्षा 1 से 6 के लिए पाठ्यपुस्तकों और प्रशिक्षण सामग्री प्रदान की जानी चाहिए।
- स्कूल के विभागों को भी उसी के संबंध में एक नोटिस जारी करना चाहिए।
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