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CBSE: सीबीएसई प्राचार्यों को सिखाएगा कैसे रखें बच्चों का ख्याल, 26 सितंबर को करेगा वर्कशॉप का आयोजन

Wed, 11 Sep 2024 07:01 AM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Wed, 11 Sep 2024 07:01 AM IST
सार

CBSE: सीबीएसई बोर्ड द्वारा इस महीने के अंत में प्राचार्यों के लिए एक वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा। इस वर्कशॉप का लक्ष्य प्राचार्यों को यह सिखाना है कि वे कैसे बच्चों का ख्याल रख सकते हैं और पीढ़ीगत अंतराल को पाटने में मदद कर सकते हैं।
 

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CBSE will teach principals how to take care of children, will organize a workshop on September 26
cbse - फोटो : CBSE

विस्तार

CBSE Workshop for Principals: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अब स्कूल प्रिंसिपल्स को सिखाएगा कि वह बच्चों का किस तरह से ख्याल रख सकते हैं। बोर्ड स्कूल प्राचार्यों में न केवल बाल मनोविज्ञान की समझ विकसित करेगा, बल्कि माता-पिता और बच्चों के बीच प्रभावी संचार के विषय में भी बताएगा। दरअसल, बोर्ड दिल्ली-एनसीआर के प्राचार्यों को प्रभावी पैरेंटिंग रणनीतियों के बारे में जानकारी देने के लिए इस माह के अंत में एक वर्कशॉप आयोजित करने जा रहा है।

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सीबीएसई के अनुसार, इस वर्कशॉप को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के सीबीएसई स्कूल के प्राचार्यों के लिए डिजाइन किया गया है। यह कार्यशाला पीढ़ीगत अंतराल को पाटने और खुले संवाद को प्रोत्साहित करने में मदद करेगी, जिससे बच्चों के भविष्य का मार्ग प्रशस्त होगा।

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26 सितंबर को होगा कार्यशाला का आयोजन

कार्यशाला का आयोजन 26 सितंबर को लोदी एस्टेट स्थित सरदार पटेल स्कूल में किया जाएगा। इसमें प्राचार्यों के साथ बाल मनोविज्ञान की समझ, माता-पिता और बच्चों के बीच प्रभावी संचार, अनुशासन और सहानुभूति के बीच संतुलन, बच्चों की शैक्षिक यात्रा जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।

बोर्ड के अनुसार, हम विकसित होते शैक्षिक परिदृश्य में आगे बढ़ रहे हैं, ऐसे में प्रभावी पालन-पोषण का महत्व बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्य भी बच्चों के समग्र विकास में स्कूलों, अभिभावकों और समुदाय की भूमिका को बढ़ाते हैं। इसके लिए यह आवश्यक है कि हम अपनी भावी पीढियों का पोषण करने के लिए स्कूलों और परिवारों के बीच एक सहयोगी दृष्टिकोण विकसित करें।

पहले अभिभावकों को भी सिखा चुका है बोर्ड

इसके पहले बोर्ड ने अभिभावकों को ये सिखाने के लिए कि वह बच्चों का किस तरह से ख्याल रखें, पॉजिटिव पैरेंटिंग: ए रेडी रेकनर नाम से एक पुस्तक तैयार की थी। बोर्ड की ओर से तैयार इस पुस्तक का उद्देश्य बच्चों व अभिभावकों के बीच के संबंध को और गहरा करना व बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना था। 60 पृष्ठों की इस पुस्तक में बच्चों के देखभाल और पालन-पोषण कौशल की बारीकियों को समेटा गया।

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