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CBSE ने बदला अपना नियम, अब 9वीं और 11वीं कक्षा में 45 छात्रों का हो सकता है पंजीकरण
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 14 Oct 2018 04:01 PM IST
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2018 -19 सत्र में 9वीं और 11वीं के छात्रों के पंजीकरण में स्कूलों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिसके चलते स्कूलों को सीबीएससी कार्यालय जाने की सलाह दी गयी है। फिलहाल बोर्ड ने स्कूलों को कुछ समय के लिए एक सेक्शन में 45 से अधिक छात्रों का पंजीकरण करने की इजाजत दे दी है।
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हालांकि, सीबीएसई द्वारा तय निर्देशों के अनुसार जिसमें एक सेक्शन में 40 छात्रों का पंजीकरण होना चाहिए, अब स्कूलों को इसके एवज में पैनाल्टी भरनी पड़ेगी। ऑनलाइन एफिलिएटेड स्कूल इनफार्मेशन सिस्टम द्वारा स्कूलों में अधिक संख्या में छात्रों के पंजीकरण के कारन उन्हें कठनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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सीबीएसई अधिकारी के मुताबिक, '' बोर्ड ने स्कूलों को क्षेत्रीय कार्यालय जाकर सलाह लेने को कहा है। लेकिन अधिक बच्चों के पंजीकरण के लिए स्कूलों को सफाई पेश करनी होगी। स्कूलों के लिए ऑनलाइन सिस्टम खोल दिया जायेगा जिसपर वे ऑनलाइन एफिलिएटेड स्कूल इनफार्मेशन सिस्टम पर जाकर अपडेट कर सकते हैं।''
फीस जमा करने की आखिरी तिथि 22 अक्टूबर है और देर से जमा की गयी फीस के साथ स्कूल 28 नवंबर तक पंजीकरण कर सकते हैं। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित नए नियम के अनुसार, 10वीं का पात्र बनने के लिए उम्मीदवार को उसमें कुल 33 प्रतिशत (दोनों आंतरिक मूल्यांकन और बोर्ड परीक्षा एकत्र की जानी चाहिए) लाने अनिवार्य होंगे।
पिछले साल की सीबीएसई कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में उपस्थित उम्मीदवारों को अलग-अलग पासिंग मानदंडों से छूट दी गई थी। प्रैक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन में अनुपस्थित है तो उम्मीदवार के अंक 0 (शून्य) माने जाते थे और परिणाम के अनुसार गणना की जाती थी।
पिछले साल की सीबीएसई कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में उपस्थित उम्मीदवारों को अलग-अलग पासिंग मानदंडों से छूट दी गई थी। प्रैक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन में अनुपस्थित है तो उम्मीदवार के अंक 0 (शून्य) माने जाते थे और परिणाम के अनुसार गणना की जाती थी।
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