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CBSE ने राज्यों को लिखा पत्र, कहा फीस में बढ़ोतरी और शिक्षकों के वेतन में कटौती पर करें विचार
Sat, 18 Apr 2020 09:28 AM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Sat, 18 Apr 2020 09:28 AM IST
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कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE- Central Board of Secondary Education) ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे स्कूल की फीस और शिक्षकों के वेतन के मुद्दे पर विचार करें। सीबीएसई ने यह ऐसे समय में कहा है जब देश के विभिन्न राज्यों के अभिभावक लॉकडाउन के दौरान कई स्कूलों द्वारा फीस में वृद्धि और तीन महीने की फीस एक साथ देने की मांग से चिंता में हैं।
बता दें कि सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को एक पत्र लिखा है। उसमें कहा है कि ' देशव्यापी लॉकडाउन के कारण उत्पन्न हुई स्थिति और स्कूली शिक्षा प्रणाली के सभी पक्षकारों की परेशानी पर विचार करते हुए अनुरोध किया जाता है कि वे स्कूल फीस के एकमुश्त भुगतान और शिक्षकों के वेतन संबंधी मुद्दे पर संवेदनशीलता से विचार करें।'
इसके अलावा केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने भी निजी स्कूलों से कहा है कि वे सालाना फीस बढ़ाने पर और तीन महीने की फीस एक साथ लेने की मांग परफिर से सोचें। इसके लिए निशंक ने एक ट्वीट भी किया है, जिसमें कहा कि मुझे आशा है कि राज्य के शिक्षा विभाग अभिभावकों और स्कूलों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए शुल्क के मुद्दे को सुलझाएंगे।’
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बता दें कि सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को एक पत्र लिखा है। उसमें कहा है कि ' देशव्यापी लॉकडाउन के कारण उत्पन्न हुई स्थिति और स्कूली शिक्षा प्रणाली के सभी पक्षकारों की परेशानी पर विचार करते हुए अनुरोध किया जाता है कि वे स्कूल फीस के एकमुश्त भुगतान और शिक्षकों के वेतन संबंधी मुद्दे पर संवेदनशीलता से विचार करें।'
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इसके अलावा केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने भी निजी स्कूलों से कहा है कि वे सालाना फीस बढ़ाने पर और तीन महीने की फीस एक साथ लेने की मांग परफिर से सोचें। इसके लिए निशंक ने एक ट्वीट भी किया है, जिसमें कहा कि मुझे आशा है कि राज्य के शिक्षा विभाग अभिभावकों और स्कूलों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए शुल्क के मुद्दे को सुलझाएंगे।’
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