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नौ हजार बनने हैं परीक्षा केंद्र, 25 हजार ऑनलाइन आवेदन
amarujala.com- Presented by: विकास जांगड़ा
Updated Fri, 13 Oct 2017 12:04 PM IST
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बोर्ड परीक्षा
- फोटो : अमर उजाला
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इलाहाबाद। यूपी बोर्ड वर्ष 2018 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा की तैयारी में जुटा है। छात्र-छात्राओं के पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की तैयारी चल रही है। इस बार परीक्षा के लिए आठ से नौ हजार केंद्र बनाए जाने हैं। केंद्र के लिए तकरीबन 25 हजार विद्यालयों ने ऑनलाइन आवेदन किए हैं। अब इनकी जांच आदि की कार्रवाई शुरू हुई है।
वर्ष 2018 की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की परीक्षा के केंद्र बनाने के लिए विद्यालयों से ऑनलाइन आवेदन लिए गए हैं। अबकी यूपी बोर्ड ज्यादातर राजकीय इंटर कॉलेजों को केंद्र बनाएगा, उसके बाद सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को तरजीह दी जाएगी।
इसके बाद जरूरत पड़ने पर वित्त विहीन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने पर निर्णय होगा। इस बीच परीक्षा केंद्र बनाने के लिए बड़ी संख्या में आए ऑनलाइन आवेदनों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसमें यह देखा जा रहा है कि कौन से परीक्षा केंद्र पूर्व की परीक्षाओं में दागी रहे हैं, कितने डिबार हुए हैं और परीक्षा के दौरान नकल के आरोप में अन्य किस तरह की कार्रवाई हुई है।
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माना जाता है कि वित्त विहीन विद्यालयों में नकल ज्यादा होती है सो सरकार ने ऐसे विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने पर फैसला बाद में करने को कहा है। हालांकि ऑनलाइन आवेदन में वित्त विहीन विद्यालयों की ही संख्या ज्यादा है। यूपी बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव के मुताबिक परीक्षा केंद्र के लिए आए ऑनलाइन आवेदन की जांच की जा रही है। जिला विद्यालय निरीक्षकों से भी रिपोर्ट मांगी गई है।
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वर्ष 2018 की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की परीक्षा के केंद्र बनाने के लिए विद्यालयों से ऑनलाइन आवेदन लिए गए हैं। अबकी यूपी बोर्ड ज्यादातर राजकीय इंटर कॉलेजों को केंद्र बनाएगा, उसके बाद सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को तरजीह दी जाएगी।
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इसके बाद जरूरत पड़ने पर वित्त विहीन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने पर निर्णय होगा। इस बीच परीक्षा केंद्र बनाने के लिए बड़ी संख्या में आए ऑनलाइन आवेदनों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसमें यह देखा जा रहा है कि कौन से परीक्षा केंद्र पूर्व की परीक्षाओं में दागी रहे हैं, कितने डिबार हुए हैं और परीक्षा के दौरान नकल के आरोप में अन्य किस तरह की कार्रवाई हुई है।
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माना जाता है कि वित्त विहीन विद्यालयों में नकल ज्यादा होती है सो सरकार ने ऐसे विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने पर फैसला बाद में करने को कहा है। हालांकि ऑनलाइन आवेदन में वित्त विहीन विद्यालयों की ही संख्या ज्यादा है। यूपी बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव के मुताबिक परीक्षा केंद्र के लिए आए ऑनलाइन आवेदन की जांच की जा रही है। जिला विद्यालय निरीक्षकों से भी रिपोर्ट मांगी गई है।
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