SAFALTA TALKS Master Class : परफॉर्मेंस मार्केटिंग में हो रही है सबसे ज्यादा हायरिंग : अभिषेक मेहता
Master Session Topic : हम युवा डिजिटल मार्केटर्स में क्या देखते हैं, अतिथि वक्ता : अभिषेक मेहता, डिजिटल मार्केटिंग प्रमुख, बैगरीज
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सफलता.कॉम द्वारा हम युवा डिजिटल मार्केटर्स में क्या देखते हैं विषय पर आयोजित किए गए मास्टर क्लास सेशन में अतिथि वक्ता बैगरीज के डिजिटल मार्केटिंग प्रमुख अभिषेक मेहता ने कहा कि आजकल युवा कॅरिअर की शुरुआत में ही सब कुछ पाना चाहते हैं। मैं कई उम्मीदवारों से मिला हूं जिन्हें 8 से 12 हफ्तों में ही बड़ी सफलता चाहिये थी। लेकिन मैं बता रहा हूं कि अगर आप भी सिर्फ एक ही साल में सब कुछ पाने के पीछे भाग रहे हैं तो किसी भी चीज के आप मास्टर नहीं बन पाएंगे।
डिजिटल मार्केटिंग की पहली जॉब के लिए आए सीवी में क्या देखेंगे सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जो सीवी पहली नौकरी के लिए आया है उससे बहुत ज्यादा अपेक्षाएं नहीं होंगी। मेहता ने युवाओं से कहा कि आपने जो भी सीवी या रिज्यूमें में लिखा है वो आपको पता होना चाहिए। आजकल युवा चैट जीपीटी से सीवी तैयार करते हैं जिसमें एआई बहुत कुछ शामिल कर देता है। जिसकी शायद उम्मीदवार को जरूरत नहीं होती। ऐसे में युवा को अपना सीवी एडिट करना चाहिए। और सिर्फ वही स्किल उसमें रखनी चाहिए जो उसके अंदर विद्यमान हैं।
उन्होंने युवाओं से कहा कि आप जिस भी कंपनी में इंटरव्यू देने जा रहे हैं। उसके बारे में अच्छे से पढ़कर जाओ। अगर आपने कोई डिजिटल मार्केटिंग कोर्स किया है। और आप सभी टूल्स को नहीं जानते हैं तो सीवी में वो टूल लिखें जिसके बारे में आप जानते हैं। जैसे - सोशल मीडिया मार्केटिंग, एसईओ, पीपीसी, गूगल एड आदि। अपना एटीट्यूड अच्छा रखें, और बेसिक्स आपके सही होने चाहिए। जैसे जो व्यक्ति आपका इंटरव्यू ले रहा है अगर वो आपसे पूछे कि ई मेल लिख पाओगे तो आप ईमेल लिख दें। अगर आप कोई जॉब करके दूसरे जॉब के लिए इंटरव्यू दे रहे हैं तो इंटरव्यू लेने वाला आपसे अपेक्षा रखेगा कि आप उसे वो बताएं कि आप पुरानी नौकरी में क्या क्या काम करते थे। कैंडिडेट को इंटरव्यू में झूठ का सहारा नहीं लेना है। जो वास्तव में उसे आता है उसे बताए। 4-5 साल के अनुभवी उम्मीदवारों से कंपनियां प्रोसेसेज में रुचि को देखती हैं। रिजल्ट नहीं। वो जानना चाहती हैं कि आपको प्रोसेस पता है है नहीं और इसे आप किस तरह कर सकते हैं।
कंपनियों में इंटरव्यू के समय तत्कालिक बहाने न बनाएं
जैसे आपको एसईओ आता है और आप कंपनी में आवेदन कर आए जहां सोशल मीडिया की वैकेंसी है। एसईओ की है ही नहीं। फिर इंटरव्यू में आप बोलते हैं कि मुझे एसईओ करना आता है लेकिन इस काम में मजा नहीं आ रहा। अब मुझे सोशल मीडिया करना है तो आपका अनुभव एसईओ में है इसलिए सोशल मीडिया की जॉब आपको नहीं मिलेगी। क्योंकि उसके लिए आप फ्रेशर काउंट किये जाएंगे। क्योंकि दूसरी जॉब में आपको कोई सिखाना पसंद नहीं है।
परफॉर्मेंस मार्केटिंग में हो रही है सबसे ज्यादा हायरिंग
मेहता ने कहा कि आजकल सबसे ज्यादा परफॉर्मेंस मार्केटिंग में हायरिंग हो रही है। सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन, पेड एड - गूगल एड, फेसबुक एड आदि परफॉर्मेंस मार्केटिंग में आते हैं। सामान्यत: मार्केटिंग 3 - 4 हिस्सों में बंटा होता है। जैसे लीड जनरेशन, सेल्स में सेल्स लेकर आना। ब्रांड कैसे बोलेगा, ब्रांड कैसे दिखेगा। एड कैसे रन होगा। क्रिएटिव क्या बनेंगे। इसके बाद डेटा एनालिटिक्स की टीम आ जाती है। जिसका काम डेटा एनालिसिस करना होता है। यहां पर काम करने के लिए आपकी मैथ अच्छी होनी चाहिए। रोज एक जैसा काम होता है। आज से 20 साल बाद भी परफॉर्मेंस मार्केटिंग क्षेत्र में हायरिंग्स होती रहेंगी। क्योंकि अगर आपको ये स्किल आती है तो आप धंधे को समझने लगते हैं। आपको पता चल जाएगा कि किस तरह से लोग आपका उत्पाद खरीदते हैं।
सोशल मीडिया मार्केटिंग में भी है बूम
अभिषेक मेहता ने कहा कि परफॉर्मेंस मार्केटिंग तो है ही खास लेकिन इसके बाद अगर देखा जाए तो सोशल मीडिया मार्केटिंग भी इस समय बूम पर है। इसमें भी हायरिंग्स हो रही हैं। अगर आपके अंदर क्रिएटिविटी है। अगर आपको समझ आ जाता है कि एक चीज कैसे 100 लोगों को अच्छी लग सकती है। क्या लिखूं मैं एड में जो लोगों को सोशल पर अच्छा लगेगा। ये क्वालिटी हैं तो आप सोशल मीडिया पर ध्यान दीजिये।
एचआर अपने स्तर पर शॉर्टलिस्ट कर लेते हैं रेज्यूमें
अगर किसी पोस्ट के लिए 100 या उससे अधिक सीवी या रेज्यूमे आते हैं तो मैनेजर के पास टॉप 10 कंडिडेट के रेज्यूमे दिये जाते हैं। यानि एचआर अपने स्तर पर कुछ कैंडिडेट को शॉर्टलिस्ट कर लेते हैं। हर रेज्यूमे को जब मैनेजर पढ़ता है तो उसके बारे में उसकी एक छवि बनती है। अगर मेरे सामने कोई सीवी आएगा और मैं इसे पढ़ूंगा जब उस उम्मीदवार से मिलूंगा तो सीवी के अनुसार ही उसकी छवि मेरे सामने होगी।
रेज्यूमे छोटा बनाएं
अभिषेक मेहता ने कहा कि आमतौर पर देखा जाता है कि युवा चैट जीपीटी या एआई टूल की मदद से सीवी तैयार करते हैं जो काफी बड़ा बन जाता है। जबकि युवाओं को छोटा सीवी तैयार करना चाहिए। क्योंकि किसी भी मैनेजर को आपके सीवी में कहानी नहीं पढ़नी है। तो आप सीवी में नंबर्स पर बात करें। उदा. आप सेल्स पर्सन थे और आपने पिछले 6 महीने में 20 प्रतिशत सेल बढ़ा दी।
मार्केटिंग के कैंडिडेट की प्रजेंटेशन होती है महत्वपूर्ण
हर मार्केटिंग की कैंडिडेट की प्रजेंटेशन बहुत महत्वपूर्ण होती है। आप किस भाषा में संवाद कर रहे हैं ये मैटर नहीं करता। आप जो भी बात करें वह पूरे कांफिडेंस में करें। अगर आप पहली जॉब या इंटर्नशिप के लिए जाते हैं तो जो भी है वो मैनेजर को क्लीयर बताएं। आपका एट्टीट्यूड सही होना चाहिए। आपको इंडस्ट्री के बारे में पता होना चाहिए। उस ब्रांड के बारे में आपको पता कर लेना चाहिए।
पहली जॉब के आवेदन के लिए ये चीजें हैं जरूरी
डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में अगर करियर बनाना है तो आपको गूगल एडवर्ड आना चाहिए। जिसमें ये पता चल जाता है कि किस की वर्ड के कितने सर्चेज हैं। आपका उत्पाद के बारे में पता चल जाएगा कि इसमें कितनी डिमांड है। नहीं तो आपको उस उत्पाद की डिमांड बनानी पड़ेगी। जोकि एक अलग लड़ाई लड़नी पड़ेगी। क्योंकि अगर दिखेगा तभी बिकेगा। गूगल ट्रेंड्स सबको आना चाहिए। आप उसमें जैसे ही सर्च करोगे तो पता चल जाएगा उसमें क्या चल रहा है। चैट जीपीटी भी सबको आना चाहिए।
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