{"_id":"59f971964f1c1b97678b874a","slug":"designing-institute-students-get-chance-to-internship-in-germany","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट के छात्रों को जर्मनी में इंटर्नशिप का मौका","category":{"title":"Career Plus","title_hn":"करियर प्लस","slug":"career-plus"}}
डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट के छात्रों को जर्मनी में इंटर्नशिप का मौका
amarujala.com- presented by: देव कश्यप
Updated Wed, 01 Nov 2017 12:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोएडा सेक्टर - 62 स्थित उत्तर प्रदेश डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट के छात्रों को बेहतर शिक्षा में जर्मन फर्म वाईपैक की मदद मिल रही है। इंस्टीट्यूट ने इस कंपनी को अपने छात्रों को जर्मनी में ट्रेनिंग देने का प्रस्ताव भेजा है।
विज्ञापन
डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉ. विरेंद्र पाठक ने बताया कि इंस्टीट्यूट तकनीक के प्रैक्टिकल पर बल दे रहा है। इसके लिए इंडस्ट्री से जुड़कर कुछ प्रोजेक्ट तैयार किए हैं। इनमें संस्थान छात्रों को इंडस्ट्री में इंटर्नशिप दिलाने पर जोर दे रहा है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- शॉर्ट टर्म के कोर्स देंगे कैरियर को लॉन्ग टर्म की उड़ान
विज्ञापन
संस्थान ने जर्मन फर्म वाईपैक के नोडल रीजन के क्रिएटिव एरिया मेंबर फ्रलोरियन को कैंपस में आने का न्यौता दिया था। फ्रलोरियन और उनकी टीम ने यहां दौरे किए हैं। उन्होंने छात्रों को पैकजिंग, मैटेरियल, इनवायरमेंट से जुड़ी नई तकनीक की जानकारी दी।
जर्मन कंपनी की तकनीक की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साख है। संस्थान ने अपने छात्रों को इंटर्नशिप देने का प्रस्ताव बी वाईपैक कंपनी को भेजा है। सहमति बनी तो संस्थान के छात्र जर्मनी में इंटर्नशिप करेंगे।
डॉ. विरेंद्र पाठक ने बताया कि इंस्टीट्यूट के छात्रों को नोएडा की इंडस्ट्री से जोड़ने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
ये भी पढ़ें- एक ऐसा फैशन शो: छात्राओं ने ऐसे किया कैट वॉक, मॉडल फेल
इसके लिये कुछ योजनाओं पर काम किया जा रहा है। साथ ही विश्व बैंक द्वारा एकेटीयू को 200 करोड़ का अनुदान दिया गया था। इस अनुदान के जरिये डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट में डिजिटल लाइब्रेरी बनने का काम भी शुरू हो गया है। इस लाइब्रेरी में आधुनिक मशीनें, डिजिटल वीडियो निर्माण, एडिटिंग आदि के संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
कमेंट
कमेंट X