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पैसा बरसाते हैं शैफ और कैटरिंग के कैरियर
एजुकेशन डेस्क/अमर उजाला
Updated Fri, 21 Nov 2014 11:28 AM IST
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किसी भी होटल समूह की पहचान में सिर्फ वहां का माहौल, सुविधाएं और सुरक्षा का ही हाथ नहीं होता, बल्कि होटल की लग्जरी के अलावा जायकेदार, देसी-विदेशी व्यंजनों की उपलब्धता और स्पेशल डिशेज का भी अहम योगदान होता है। आहार के मामले में होटल को पहचान दिलाने में मुख्य भूमिका निभाते हैं शेफ।
सभी नामी होटल समूह शेफ को अपने यहां नियुक्त करते हैं। रेस्तरां भी इस मामले में पीछे नहीं हैं। फिक्की द्वारा हाल ही में जारी एक सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार, आगामी वर्षों में फाइव स्टार होटलों की तेजी से बढ़ती संख्या के कारण होटल इंडस्ट्री के तमाम अन्य प्रोफेशनल के साथ शेफ की भी मांग में बढ़ोतरी होगी। इसलिए ऐसे युवा, जिनकी दिलचस्पी केटरिंग के साथ-साथ भारतीय और अंतरराष्ट्रीय पकवान बनाने में है, उनके लिए शेफ का प्रोफेशन निश्चित रूप से एक बेहतरीन कॅरियर विकल्प हो सकता है।
कार्य प्रकृति
शेफ का काम किसी भी होटल, रेस्तरां, फास्ट फूड चेन या फूड स्टॉल पर खाना बनाना होता है। जब चीफ शेफ की भूमिका मिल जाती है, तो मेन्यू प्लान करना, सामान मंगाना, तैयारी का सुपरविजन करना, किचन के स्टाफ को निर्देश देना उसकी जिम्मेदारियों में शामिल हो जाता है।
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शेफ के रूप में अच्छी क्वालिटी का स्वादिष्ट खाना तैयार करना उसका धर्म है, क्योंकि उसी के आधार पर ग्राहक आते हैं और बिजनेस चलता है। शेफ को अलग-अलग किस्म के व्यंजनों और उन्हें तैयार करने की विधि का पता होना चाहिए। आज कई ऐसे नाम हैं, जो मास्टर शेफ कहलाते हैं और उनका नाम ही यह बताने के लिए काफी है कि जो बना होगा, वह लजीज ही होगा। जिग्स कालरा, संजीव कपूर, राकेश सेठी, मधुर जाफरी जैसे नाम इस क्षेत्र में बड़े सम्मानित हैं।
कोर्स एवं योग्यता
इस पेशे को मिलने वाले मान व पैसे को देखते हुए ऐसे लोग इसे बतौर कॅरियर चुन रहे हैं, जिन्हें स्वाद की दुनिया पसंद है। इसीलिए ऐसे संस्थान भी हैं, जो इस कला को सिखाने में मदद करते हैं। उनमें दाखिला लेने के लिए विद्यार्थी को 10वीं या 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। 10वीं पास अभ्यर्थी डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स और 12वीं पास अभ्यर्थी डिग्री कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। इसके अलावा, उनमें पाक कला के प्रति रुझान होना चाहिए। उन्हें खाद्य पदार्थों की तासीर का पता होना चाहिए, ताकि स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य को भी सहेजा जा सके।
रोजगार के अवसर
फूड क्राफ्ट, फूड प्रोडक्शन, फूड एंड बेवरेजेज सर्विस, कंफेक्शनरी आदि में डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट हासिल करने के बाद रोजगार के कई रास्ते खुल जाते हैं। होटल या रेस्तरां, एयर केटरिंग, रेलवे केटरिंग, आर्मी केटरिंग, फूड प्रोसेसिंग कंपनी, कंफेक्शनरीज, थीम रेस्तरां, मॉल, बेस किचन, अस्पताल, क्रूज लाइनर, कॉरपोरेट केटरिंग आदि में ऐसे प्रोफेशनल अवसर पाते हैं। इनके अलावा खान-पान पर लेखन किया जा सकता है, किताबें लिखी जा सकती हैं। अनुभव हो जाने पर अपना रेस्तरां खोला जा सकता है।
उमा रावत
रास्ते और भी
नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड केटरिंग टेक्नोलॉजी, नोएडा
www.nchmct.org
इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
www.ignou.ac.in
एलबीआईआईएचएम, नई दिल्ली,
www.lbiihm.com
डीपीएमआई, नई दिल्ली
www.dpmiindia.com
कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट विभाग, कुरूक्षेत्र
www.kuk.ac.in
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सभी नामी होटल समूह शेफ को अपने यहां नियुक्त करते हैं। रेस्तरां भी इस मामले में पीछे नहीं हैं। फिक्की द्वारा हाल ही में जारी एक सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार, आगामी वर्षों में फाइव स्टार होटलों की तेजी से बढ़ती संख्या के कारण होटल इंडस्ट्री के तमाम अन्य प्रोफेशनल के साथ शेफ की भी मांग में बढ़ोतरी होगी। इसलिए ऐसे युवा, जिनकी दिलचस्पी केटरिंग के साथ-साथ भारतीय और अंतरराष्ट्रीय पकवान बनाने में है, उनके लिए शेफ का प्रोफेशन निश्चित रूप से एक बेहतरीन कॅरियर विकल्प हो सकता है।
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शेफ का काम किसी भी होटल, रेस्तरां, फास्ट फूड चेन या फूड स्टॉल पर खाना बनाना होता है। जब चीफ शेफ की भूमिका मिल जाती है, तो मेन्यू प्लान करना, सामान मंगाना, तैयारी का सुपरविजन करना, किचन के स्टाफ को निर्देश देना उसकी जिम्मेदारियों में शामिल हो जाता है।
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शेफ के रूप में अच्छी क्वालिटी का स्वादिष्ट खाना तैयार करना उसका धर्म है, क्योंकि उसी के आधार पर ग्राहक आते हैं और बिजनेस चलता है। शेफ को अलग-अलग किस्म के व्यंजनों और उन्हें तैयार करने की विधि का पता होना चाहिए। आज कई ऐसे नाम हैं, जो मास्टर शेफ कहलाते हैं और उनका नाम ही यह बताने के लिए काफी है कि जो बना होगा, वह लजीज ही होगा। जिग्स कालरा, संजीव कपूर, राकेश सेठी, मधुर जाफरी जैसे नाम इस क्षेत्र में बड़े सम्मानित हैं।
कोर्स एवं योग्यता
इस पेशे को मिलने वाले मान व पैसे को देखते हुए ऐसे लोग इसे बतौर कॅरियर चुन रहे हैं, जिन्हें स्वाद की दुनिया पसंद है। इसीलिए ऐसे संस्थान भी हैं, जो इस कला को सिखाने में मदद करते हैं। उनमें दाखिला लेने के लिए विद्यार्थी को 10वीं या 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। 10वीं पास अभ्यर्थी डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स और 12वीं पास अभ्यर्थी डिग्री कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। इसके अलावा, उनमें पाक कला के प्रति रुझान होना चाहिए। उन्हें खाद्य पदार्थों की तासीर का पता होना चाहिए, ताकि स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य को भी सहेजा जा सके।
रोजगार के अवसर
फूड क्राफ्ट, फूड प्रोडक्शन, फूड एंड बेवरेजेज सर्विस, कंफेक्शनरी आदि में डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट हासिल करने के बाद रोजगार के कई रास्ते खुल जाते हैं। होटल या रेस्तरां, एयर केटरिंग, रेलवे केटरिंग, आर्मी केटरिंग, फूड प्रोसेसिंग कंपनी, कंफेक्शनरीज, थीम रेस्तरां, मॉल, बेस किचन, अस्पताल, क्रूज लाइनर, कॉरपोरेट केटरिंग आदि में ऐसे प्रोफेशनल अवसर पाते हैं। इनके अलावा खान-पान पर लेखन किया जा सकता है, किताबें लिखी जा सकती हैं। अनुभव हो जाने पर अपना रेस्तरां खोला जा सकता है।
उमा रावत
रास्ते और भी
नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड केटरिंग टेक्नोलॉजी, नोएडा
www.nchmct.org
इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
www.ignou.ac.in
एलबीआईआईएचएम, नई दिल्ली,
www.lbiihm.com
डीपीएमआई, नई दिल्ली
www.dpmiindia.com
कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट विभाग, कुरूक्षेत्र
www.kuk.ac.in
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