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AICTE का निर्देश: बीच में पढ़ाई छोड़ने वालों की फीस लौटाएं इंजीनियरिंग कॉलेज

Wed, 29 Mar 2017 07:56 PM IST
amarujala.com presented by: श्वेता पांडेय
amarujala.com presented by: श्वेता पांडेय Updated Wed, 29 Mar 2017 07:56 PM IST
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 AICTE refund caution money if students leave without completing their course
एआईसीटीई

ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने से देश भर के इंजीनियरिंग कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि यदि कोई छात्र कोर्स के बीच में पढ़ाई छोड़ देता है तो छात्र से जमा कराई गई फीस उसे लौटानी होगी। इतना ही नहीं अगर छात्र दाखिला लेने के तुरंत बाद किसी औऱ स्ंस्थान में जाता है तो भी उसकी समस्त मदों में ली गई फीस लौटानी होगी।

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एआईसीटीई ने संस्थानों को यह भी निर्देश दिया है कि छात्रों का विद्यालय/संस्थान माइग्रेशन सर्टिफिकेट पत्र न रोका जाए। छात्रों और अभिभावकों ने इस संबंध में मानव संसाधन विकास मंत्रालय से शिकायत की थी।
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अगर कोई छात्र पढ़ाई बीच में छोडता है तो  संस्थान छात्र से प्रोसेसिंग फीस के तौर पर 1000 रुपये और उचित मासिक शुल्क एवं हॉस्टल रेंट वसूल सकता है लेकिन ट्यूशन फीस लौटानी होगी। एआईसीटीई की ओर से जारी इस नियम में लिखा गया है कि अगर कोई छात्र कोर्स शुरू होने से पहले अपना नाम वापस ले लेता है तो उससे जमा कराई गई फीस में से 1000 रुपये प्रोसेसिंग फीस का काटकर बाकी पैसे छात्र को लौटा दिए जाएं।
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एआईसीटीई ने कहा है, 'अगर खाली सीट भरती नही है तो संस्थान को सिक्योरिटी डिपॉजिट लौटाना होगा। साल के किसी भी समय अपना नाम कटवाने वाले छात्रों से पूरे साल की फीस लेने का संस्थान को अधिकार नहीं है। छात्र को 7 दिनों के अंदर फीस और सर्टिफिकेट लौटाने की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए।


इस नियम का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर एआईसीटीई जुर्माना लगा सकता है। उदाहरण के लिए अगर छात्र का पैसा वापस नहीं किया गया तो संस्थान ने जितनी फीस जमा कराई गई है, उसका दोगुना जुर्माना लगेगा और कोर्स या प्रोग्राम के लिए दी गई मंजूरी भी निरस्त की जा सकती है। 

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