कोटा के बाद ये शहर बना देश के आईआईटी छात्रों का मक्का
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देशभर के हजारों छात्रों को आईआईटी तक पहुंचाने के मामले में हैदराबाद, राजस्थान के कोटा को पीछे छोड़ते हुए पहले नंबर पर पहुंच गया है।
हम सभी जानते हैं कि देश के अग्रणी इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिले के लिए देशभर से बच्चे राजस्थान के कोटा पहुंच रहे थे लेकिन इस ट्रेंड में बदलाव देखने को मिला है। अब देश के टॉप इंजीनियरिंग इंस्टिट्यूट में दाखिले की उम्मीद रखने वाले छात्रों के लिए हैदराबाद को मक्का बताने लगे हैं।
वैसे तो 1987 के आस-पास से ही कोचिंग इंडस्ट्री की शुरुआत हैदराबाद में हो चुकी थी। लेकिन साल 2000 के बाद कोचिंग इंडस्ट्री में तेजी आई।
श्री चैतन्य एजुकेशन इंस्टिट्यूट की अकादमिक डायरेक्टर सुषमा बोपन्ना बताती हैं कि, "1999 के आस-पास हैदराबाद में बहुत से कोचिंग इंस्टिट्यूट नहीं हुआ करते थे जहां से आईआईटी में एंट्रेंस के लिए कोचिंग ली जा सके। लेकिन फिर हमें छात्रों के पोटेंशियल का अंदाजा हुआ। 1999 में ही हमने दिलसुख नगर, योसुफ्गुडा और एसआर नगर में जूनियर कॉलेज स्टार्ट किए, जहां हम छात्रों को इंटरमीडिएट के साथ-साथ आईआईटी एंट्रेंस की भी कोचिंग देते थे।"
हैदराबाद के छात्रों में JEE के लिए एक अलग इंटरेस्ट
जिस हैदराबाद में 90 के दशक में सिर्फ 3,000 के आस-पास स्टूडेंट हुआ करते थे वहीं आज की तारीख में संख्या तकरीबन 15 लाख स्टूडेंट्स तक पहुंच गया है। अगर पिछले कुछ सालों के रिजल्ट के तरफ भी ध्यान दें तो टॉप-10 रैंकर में से 50% छात्र हैदराबाद से ही होते हैं। अगर JEE-2016 के रिजल्ट पर ध्यान दें तो टॉप-10 में से 6 लोग हैदराबाद से ही थे।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन दोनों शहरों (कोटा और हैदराबाद) के बीच कड़ी टक्कर रही है लेकिन लेकिन 2006 के बाद से ही हैदराबाद इस मामले में आगे निकलता रहा है।
कोचिंग इंस्टिट्यूट चलाने वालों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में ही हैदराबाद रीजन के छात्रों में JEE के लिए एक अलग इंटरेस्ट दिखी है। खासकर पिछले एक दशक में आमूल-चूल बढ़ाव दिखा है।
एक तुलना में देखें तो 2006 में जहां आंध्र प्रदेश से 938 कैंडिडेट थे तो राजस्थान से 1004 छात्र चयनित हुए थे। वहीं 2016 में 3734 छात्र आंध्र प्रदेश से थे तो वहीं मात्र 1610 ही राजस्थान से थे।
आईआईटी, मद्रास के अधिकारियों का कहना है कि हमारे कॉलेज में 20% छात्र सिर्फ हैदराबाद रीजन से आते हैं और ऐसा ट्रेंड पिछले कुछ सालों में ज्यादा देखने को मिला है।
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