हिंदू लड़की ने मदरसा परीक्षा के टॉप 10 में बनाई जगह
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पश्चिम बंगाल के खलतपुर हाई मदरसा की प्रशामा साशमल ने मदरसा के माध्यमिक स्कूल की परीक्षा में आठवां स्थान हासिल कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। ये पहली बार है जब एक हिंदू लड़की ने राज्य से मान्यता प्राप्त मदरसा परीक्षाओं में टॉप 10 में जगह बनाई है। परीक्षा के नतीजों की घोषणा मंगलवार को ही हुई थी। कई बार मदरसा परीक्षाओं में हिंदू छात्रों की टॉप 10 में आने की खबरें आई हैं लेकिन ये पहली बार है जब एक गैर-मुस्लिम लड़की ने टॉप 10 में अपनी जगह बनाई है।
प्रशामा हावड़ा के धौलागिरी इलाके से हैं जो हाल में सांप्रदायिक हिंसा की खबरों की वजह से सुर्खियों में आया था। प्रशामा ने बताया, "मैं खुश हूं कि मुझे अच्छा रैंक मिला। मैंने सारी परीक्षाएं अच्छे से दी थीं और उम्मीद कर रही थी कि नतीजे और बेहतर होंगे। मेरे टीचर और माता-पिता भी मुझसे काफी खुश हैं।"
'इस्लाम का परिचय' विषय में प्रशामा को मिले 100 में से 97 अंक
राज्य से मान्यता प्राप्त मदरसों में छात्रों को अंग्रेजी, विज्ञान, गणित जैसे विषयों के साथ अरबी और 'इस्लाम का परिचय' भी पढ़ाया जाता है। 'इस्लाम का परिचय' विषय में प्रशामा को 100 में से 97 अंक मिले हैं। प्रशामा भौतिक शास्त्र में शोध करना चाहती हैं।
हिंदू धर्म से ताल्लुक रखते हुए अरबी और 'इस्लाम का परिचय' विषय पढ़ने के बारे में प्रशामा कहती हैं, "ये भी तो अन्य विषयों की ही तरह हैं। मुझे दूसरे सब्जेक्ट की तरह ये भी काफी पसंद हैं। मैं कक्षा 6 से इस मदरसे में पढ़ रही हूं और शुरू से ही टीचर्स ये सुनिश्चित करते थे कि हम सभी बच्चे इन दोनों विषयों को समझ पा रहे हैं या नहीं।"
स्कूल में हिंदू और मुसलमान टीचर हैं
प्रशामा के साथ पढ़ने वाले मलय माझी इस परीक्षा में 17वें स्थान पर रहे। वो भी हिंदू धर्म से ताल्लुक रखते हैं। प्रशामा कहती हैं, "स्कूल में हिंदू और मुसलमान टीचर हैं और वो हमारा ख्याल रखते हैं। मेरी कक्षा में हिंदू-मुसलमान सभी मेरे दोस्त हैं। हम आपस में खाना बांटते हैं और दोस्तों की ही तरह बातें करते हैं। हमारे बीच में कभी धर्म नहीं आया।"
पश्चिम बंगाल में इन मान्यता प्राप्त मदरसों में कई गैर मुस्लिम बच्चे पढ़ते हैं। कई मदरसों में मुस्लिम बच्चों की संख्या ज्यादा है। वामपंथी दलों के कार्यकाल के दौरान राज्य में मदरसों में बड़े बदलाव किए गए थे। देश के बाहर से, यहां तक कि पाकिस्तान से भी मदरसा शिक्षा व्यवस्था के बारे में जानने के लिए कई मेहमान आते हैं।
33 बच्चों ने मदरसा परीक्षा दी जिसमें 9 गैर-मुसलमान
प्रशामा के मदरसे के हेडमास्टर नुरुल इस्लाम कहते हैं, "वो दिन चले गए जब लोग सोचते थे कि मदरसे केवल मुसलमानों के लिए ही हैं। स्कूल हो या मदरसा, जहां भी अच्छी शिक्षा मिलती है, अभिभावक अपने बच्चों को वहीं भेजते हैं।"
वो कहते हैं, "इस साल कुल 33 बच्चों ने मदरसा परीक्षा दी जिसमें से 9 गैर-मुसलमान हैं। उनमें से 2 ने टॉप 20 में जगह बनाई।" मदरसा शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि बीते सालों की तुलना में परीक्षा देने वालों में हिंदू छात्रों की संख्या में इस साल इजाफा हुआ है।
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