फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   BMC released Circular for schools to make sign board in marathi language

BMC Circular: मुंबई में स्कूलों का नाम मराठी भाषा में लिखना अनिवार्य, बीएमसी ने जारी किया आदेश

Wed, 06 Apr 2022 10:20 PM IST
सुभाष कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: सुभाष कुमार Updated Wed, 06 Apr 2022 10:20 PM IST
सार

मराठी राजभाषा बिल को राज्य के दोनों ही सदनों से पास कर दिया गया था। इसके अनुसार राज्य निगमों, प्राधिकरणों और नागरिक निकायों के आधिकारिक कार्यों में मराठी भाषा का प्रयोग अनिवार्य है।

विज्ञापन
BMC released Circular for schools to make sign board in marathi language
BMC - फोटो : Social Media

विस्तार

मुंबई नगर निगम यानी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने शहर के स्कूलों के लिए नया आदेश जारी किया है। स्कूलों को अब अपने नाम साइनबोर्ड पर मराठी भाषा में लिखने होंगे। वहीं आदेश में कहा गया है कि मराठी भाषा में नाम लिखे साइनबोर्ड ऐसे स्थान पर लगाने चाहिए जो लोगों को आसानी से नजर आ सके। बीएमसी के शिक्षा अधिकारी की ओर से इस बारे में सर्कुलर भी जारी किया गया है। 

विज्ञापन


इस साइज में होने चाहिए साइनबोर्ड
बीएमसी शिक्षा विभाग की ओर से जारी किए गए सर्कुलर के अनुसार इसके क्षेत्र में आने वाले सभी स्कूलों को अपने नाम को मराठी साइनबोर्ड पर मराठी देवनागरी लिपि में लिखना होगा। वहीं, इन साइनबोर्ड का साइज  8×3 फीट के आकार का होना चाहिए।
विज्ञापन


क्या लिखा गया है सर्कुलर में?
जारी किए गए सर्कुलर में कहा गया है कि सभी वार्ड अधिकारी इस आदेश का पालन करें। दरअसल, 24 मार्च, 2022 को महाराष्ट्र विधानसभा में मंत्री सुभाष देसाई ने मराठी राजभाषा बिल को पेश किया था। उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र राजभाषा अधिनियम, 1964 में, स्थानीय निकायों और राज्य द्वारा संचालित निगमों और समाजों में मराठी भाषा को अनिवार्य बनाने का कोई उल्लेख नहीं था। इस कारण यह बिल पेश किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दोनों सदनों से पास हुआ बिल
मराठी राजभाषा बिल को राज्य के दोनों ही सदनों से पास कर दिया गया था। इसके अनुसार राज्य निगमों, प्राधिकरणों और नागरिक निकायों के आधिकारिक कार्यों में मराठी भाषा का प्रयोग अनिवार्य है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed