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Hindi News ›   Education ›   'Bharat', 'India' to be used interchangeably in textbooks, debate over it useless: NCERT Chief

NCERT: किताबों में 'भारत' और 'इंडिया' दोनों का होगा इस्तेमाल, इस पर बहस बेकार: एनसीईआरटी प्रमुख

Mon, 17 Jun 2024 07:15 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Mon, 17 Jun 2024 07:15 PM IST
सार

India Vs Bharat Controvercy: एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने कहा है कि एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों में "भारत" और "इंडिया" का परस्पर उपयोग किया जाएगा, जैसा कि देश के संविधान में है। दोनों शब्दों से कोई परहेज नहीं है।

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'Bharat', 'India' to be used interchangeably in textbooks, debate over it useless: NCERT Chief
NCERT Chief - फोटो : PTI

विस्तार

NCERT: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने कहा है कि एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों में "भारत" और "इंडिया" का परस्पर उपयोग किया जाएगा, जैसा कि देश के संविधान में है। उन्होंने कहा कि दोनों शब्दों का इस्तेमाल किताबों में किया जाएगा और परिषद को "भारत" या "इंडिया" से कोई परहेज नहीं है।

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उन्होंने कहा, "यह अदला-बदली योग्य है। हमारा रुख वही है जो हमारा संविधान कहता है और हम उसका समर्थन करते हैं। हम भारत का इस्तेमाल कर सकते हैं, हम इंडिया का इस्तेमाल कर सकते हैं, इसमें समस्या क्या है? हम इस बहस में नहीं हैं। जहां भी हमें सुविधा होगी हम इंडिया का इस्तेमाल करेंगे, जहां भी हमें सुविधा होगी हम भारत का इस्तेमाल करेंगे। हमें इंडिया या भारत दोनों से कोई परहेज नहीं है।"
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सकलानी ने कहा, "आप देख सकते हैं कि हमारी पाठ्यपुस्तकों में दोनों का इस्तेमाल पहले से ही किया जा रहा है और नई पाठ्यपुस्तकों में भी ऐसा ही होगा। यह एक बेकार की बहस है।"
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स्कूली पाठ्यक्रम में संशोधन के लिए एनसीईआरटी द्वारा गठित सामाजिक विज्ञान के लिए एक उच्च स्तरीय समिति ने पिछले साल सिफारिश की थी कि सभी कक्षाओं की पाठ्यपुस्तकों में "इंडिया" की जगह "भारत" लिखा जाना चाहिए। समिति के अध्यक्ष सी आई इसाक, जो पैनल का नेतृत्व कर रहे थे, ने कहा था कि उन्होंने पाठ्यपुस्तकों में "इंडिया" की जगह "भारत" लिखने, पाठ्यक्रम में "प्राचीन इतिहास" की जगह "शास्त्रीय इतिहास" लिखने और सभी विषयों के पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस) को शामिल करने का सुझाव दिया है।

इसाक ने कहा था, "समिति ने सर्वसम्मति से सिफारिश की है कि सभी कक्षाओं के छात्रों की पाठ्यपुस्तकों में भारत नाम का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। भारत एक पुराना नाम है। भारत नाम का इस्तेमाल प्राचीन ग्रंथों में किया गया है, जैसे कि विष्णु पुराण, जो 7,000 साल पुराना है।"


एनसीईआरटी ने तब कहा था कि पैनल की सिफारिशों पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। भारत नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर पिछले साल सामने आया था, जब सरकार ने जी-20 के निमंत्रण "President of Bharat" के नाम से भेजे थे, न कि "President of India"।

बाद में, नई दिल्ली में शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेमप्लेट पर भी इंडिया के बजाय "भारत" लिखा हुआ था।

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