फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Badlapur school sexual abuse case: Panel suggests mandatory CCTVs, character verification of staff

Badlapur: बदलापुर स्कूल यौन शोषण मामले में पैनल ने अनिवार्य सीसीटीवी और स्टाफ की चरित्र जांच की सिफारिश की

Thu, 27 Feb 2025 08:57 AM IST
शिवम गर्ग एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवम गर्ग Updated Thu, 27 Feb 2025 08:57 AM IST
सार

Badlapur school: बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा गठित समिति ने बदलापुर स्कूल यौन शोषण मामले के बाद स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे, स्टाफ की चरित्र जांच और बच्चों की सुरक्षा शिक्षा की सिफारिश की है ताकि महाराष्ट्र में स्कूलों को सुरक्षित बनाया जा सके।

विज्ञापन
Badlapur school sexual abuse case: Panel suggests mandatory CCTVs, character verification of staff
बॉम्बे हाईकोर्ट। - फोटो : ANI

विस्तार

Badlapur school: बदलापुर की घटना के बाद बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा गठित एक समिति ने सीसीटीवी और कर्मचारियों के चरित्र सत्यापन को अनिवार्य करने की सिफारिश की है। इस घटना में स्कूल परिसर में एक संविदा कर्मचारी ने दो नाबालिग लड़कियों का यौन उत्पीड़न किया था। बुधवार को कोर्ट को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में, दो पूर्व हाई कोर्ट जजों की अध्यक्षता वाली समिति ने राज्य के स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में लागू करने के लिए कई सुझाव दिए हैं।

विज्ञापन

स्कूलों के लिए प्रमुख सिफारिशें

इनमें स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य करना, कर्मचारियों का चरित्र सत्यापन, स्कूलों द्वारा सुरक्षित परिवहन की जिम्मेदारी लेना, बच्चों को "गुड टच" और "बैड टच" के बारे में पढ़ाना, साइबर अपराधों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और प्रमुख स्थानों पर '1098' (बच्चों की हेल्पलाइन) प्रदर्शित करना शामिल है। 

बुधवार को जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और नीला गोखले की खंडपीठ ने राज्य सरकार से रिपोर्ट और उसकी सिफारिशों को देखने को कहा। कोर्ट ने कहा, "हम भी रिपोर्ट को देखेंगे। राज्य सरकार दो सप्ताह में बताए कि वह सिफारिशों पर क्या कदम उठाएगी।" पिछले साल अगस्त में, दो पांच वर्षीय लड़कियों के साथ उनके स्कूल परिसर के शौचालय के अंदर एक पुरुष परिचारक ने यौन उत्पीड़न किया था। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन सितंबर में पुलिस द्वारा कथित जवाबी गोलीबारी में उसे मार दिया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

हाईकोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया था

यौन उत्पीड़न की घटना के बाद, हाईकोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया था और निर्देश दिया था कि स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए सरकार द्वारा विशेषज्ञों की एक समिति गठित की जाए। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि स्कूलों में सीसीटीवी लगाने के अलावा एक महीने की फुटेज भी सुरक्षित रखी जानी चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर किसी कर्मचारी की आपराधिक पृष्ठभूमि पाई जाती है तो उसे तुरंत नौकरी से निकाल दिया जाना चाहिए। समिति द्वारा दिए गए सुझाव के अनुसार प्री-प्राइमरी और प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों को “गुड टच, बैड टच” के बीच अंतर करना विशेष रूप से सिखाया जाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed