Assam: बोडोलैंड यूनिवर्सिटी में अनियमितताओं की जांच के लिए समिति का गठन, एक महीने के भीतर रिपोर्ट देने का आदेश
ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (एबीएसयू) और अन्य संगठन प्रोफेसर सिंह द्वारा कथित तौर पर की गई अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
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असम सरकार ने राज्य संचालित बोडोलैंड यूनिवर्सिटी में वित्तीय और अन्य अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है।
इस समिति की अध्यक्षता एक मुख्य सचिव के करेंगे। एक अधिकारी ने बताया कि पैनल को एक महीने के भीतर रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। राज्यपाल और कोकराझार स्थित विश्वविद्यालय के चांसलर गुलाब चंद कटारिया ने पैनेल को स्थापित किया है।
बुधवार की रात को जारी एक बयान में कहा गया, 'यह कमिटी यूनिवर्सिटी में फैली अनियमितताओं की जांच करने के बाद एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी।' अतिरिक्त मुख्य सचिव विश्वरंजन समल को इस पैनल का चेयरमैन बनाया गया है। उनके अलावा आईआईटी गुवाहटी के प्रोफेसर डॉ. एस के देव और तेजपुर यूनिवर्सिटी के वित्तीय अफसर डॉ. बी डी मिश्रा को इस पैनल के सदस्य के तौर पर नियुक्त किया गया है।
यूनिवर्सिटी के अधिकारी ने बताया कि उप चांसलर प्रोफेसर लैशराम लाडू सिंह अग्रिम जमानत पाने के बाद भी पिछले कुछ दिनों से दफ्तर नहीं आए हैं। ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (एबीएसयू) और अन्य संगठन प्रोफेसर सिंह द्वारा कथित तौर पर की गई अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
एबीएसयू के अध्यक्ष दीपेन बोरो ने कहा, यूनिवर्सिटी के उप चांसलर के पद से उन्हें (सिंह को) तुरंत हटा देना चाहिए। यह मूर्खतापूर्ण है कि आपराधिक आरोपों के बावजूद वह इतने प्रतिष्ठित पद पर बने हुए हैं।
एबीएसयू और बोडो साहित्य सभा (बीएसएस) ने 20 जुलाई को उप चांसलर को तत्काल निलंबित करने की मांग करते हुए यूनिवर्सिटी के सामने प्रदर्शन किया। इसके बाद एबीएसयू ने सिंह के दफ्तर पर ताला लगा दिया था। उन्होंने धमकी भी दी कि यदि सरकार ने उन्हें एक हफ्ते के भीतर नहीं हटाया तो वह अपनी मांगों के लिए जगह-जगह प्रदर्शन करेंगे।
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