पहल : सूचना प्रोद्यौगिकी की मदद से छात्रों को उपलब्ध कराएंगे गुणवत्तापरक शिक्षा, सीएम ने की घोषणा
असम के सीएम ने गुरुवार को कहा कि हम आईटी की मदद से अपने छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं।
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असम में गुरुवार को असम राज्य शिक्षा आयोग की पहली बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी शामिल रहे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आईटी की मदद से अपने छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मुताबिक शिक्षा की पहुंच आर्थिक ग्रोथ में और लोगों के सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।
शिक्षा के लिए राज्य की जीडीपी का छह प्रतिशत खर्च
सीएम सरमा ने आगे कहा कि हम राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (एसजीडीपी) का छह प्रतिशत शिक्षा पर खर्च करते हैं। इसे छात्रों के बौद्धिक, शारीरिक और भावनात्मक विकास के प्रति संवेदनशील और उत्तरदायी बनाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि असम राज्य शिक्षा आयोग को हमारे मानव संसाधनों को साथी नागरिकों की जरूरतों के लिए उत्तरदायी बनाने में योगदान देना चाहिए।
2020 में लागू हुई थी शिक्षा नीति
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, 29 जुलाई, 2020 को लागू की गई थी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में तकनीकी शिक्षा सहित स्कूली शिक्षा के साथ-साथ उच्च शिक्षा में विभिन्न सुधारों का रोड मैप है। असम राज्य शिक्षा आयोग की बैठक में असम के शिक्षा मंत्री रनोज पेगू और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जोगेन मोहन भी मौजूद थे।
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