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Apaar ID: देशभर में कुल 31.56 करोड़ छात्रों को मिली यूनिक डिजिटल पहचान; उत्तर प्रदेश अव्वल, बंगाल सबसे पीछे
Wed, 30 Jul 2025 08:02 AM IST
शिवम गर्ग
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवम गर्ग
Updated Wed, 30 Jul 2025 08:02 AM IST
सार
Unique Student ID: देश में अब तक 31.56 करोड़ छात्रों को 12 अंकों की अपार आईडी मिल चुकी है। इनमें से 13.89 करोड़ छात्र स्कूली स्तर के हैं। उत्तर प्रदेश सबसे आगे, जबकि पश्चिम बंगाल में एक भी छात्र को आईडी नहीं बनीं है।
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अपार आईडी
- फोटो : Official (https://apaar.education.gov.in/)
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विस्तार
Apaar ID: देशभर में कुल 31.56 करोड़ छात्रों को ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार आईडी) के तहत 12 अंकों की विशिष्ट डिजिटल पहचान मिल गई है। इसमें से 13.89 करोड़ छात्र स्कूलों के हैं। सबसे अधिक उत्तर प्रदेश के 2.46 करोड़ स्कूली छात्र शामिल हैं। यूपी के कुल 2.54 लाख स्कूलों में 94% स्कूलों के छात्र अपार-आईडी से जुड़े चुके हैं। हालांकि अभी भी 1.68 करोड़ बाकी हैं।
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देखें अपार पंजीकरण की राज्यवार स्थिति
उत्तराखंड में 16.33 लाख, हरियाणा में 48.54 लाख, चंडीगढ़ में 2.19 लाख, हिमाचल में 9.06 लाख, जम्मू-कश्मीर में 13.78 लाख को यूनिक नंबर मिल चुका है। खास बात यह है कि केंद्र और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच रिश्तों में खटास का असर स्कूली शिक्षा की योजनाओं पर भी पड़ा है। पश्चिम बंगाल देश में एकमात्र ऐसा राज्य हैं, जहां 1.76 करोड़ छात्र पढ़ते हैं पर एक भी छात्र ने अपार-आईडी के लिए पंजीकरण नहीं किया है।
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| राज्य / संस्था | छात्रों की संख्या (लगभग) |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 2.46 करोड़ |
| महाराष्ट्र | 1.83 करोड़ |
| बिहार | 1.21 करोड़ |
| राजस्थान | 1.03 करोड़ |
| हरियाणा | 48.54 लाख |
| पंजाब | 35.94 लाख |
| दिल्ली | 34.77 लाख |
| उत्तराखंड | 16.33 लाख |
| जम्मू-कश्मीर | 13.78 लाख |
| हिमाचल प्रदेश | 9.06 लाख |
| चंडीगढ़ | 2.19 लाख |
| लद्दाख | 45 हजार) |
| मध्य प्रदेश | 99 हजार |
| नवोदय विद्यालय | 2.69 लाख |
| केंद्रीय विद्यालय | 10.70 लाख |
NEP 2020 की पांचवीं वर्षगांठ पर रिकॉर्ड
केंद्र समेत अधिकतर राज्य मंगलवार यानी 29 जुलाई को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की पांचवीं वर्षगांठ मना रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनईपी 2020 को 29 जुलाई 2020 को देश को समर्पित की थी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में अपार-आईडी छात्रों के लिए प्रमुख सिफारिशों में से एक थी।इसका मकसद, उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण करना था, ताकि उन्हें विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में आसानी से स्थानांतरण, छात्रवृति, सरकारी योजनाओं में लाभ और उनके शैक्षणिक प्रगति की निगरानी के साथ शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया जा सके।
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